इंसाफ की राह में दो माह की देरी, राजस्थान की पीड़िता के मामले में नई कार्रवाई
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में राजस्थान की एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म और शोषण के मामले में पुलिस ने दो माह बाद दोबारा प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। यह मामला नवंबर 2025 का बताया जा रहा है, जिसमें कुल छह लोगों के नाम सामने आए हैं।
पीड़िता राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र की निवासी है। महिला के अनुसार वह रोजगार की तलाश में 27 अक्तूबर 2025 को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची थी, जहां कासगंज निवासी बंटू और मोहरश्री उसे अपने साथ ले गए। इसके बाद उसे सहावर गेट स्थित कुलदीप जौहरी के मकान में ठहराया गया।
महिला का आरोप है कि 31 अक्तूबर को औरैया जिले के थाना अछल्दा क्षेत्र के गांव सुभानपुर निवासी सत्यपाल और मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के सलेपुर निवासी जवाहर लाल उसे फर्रुखाबाद ले आए। यहां उसकी इच्छा के विरुद्ध सत्यपाल ने उसकी मांग में सिंदूर भर दिया और इसके बाद सत्यपाल व जयवरन ने उसके साथ गलत कार्य किया।
पीड़िता ने यह भी बताया कि 2 नवंबर को कोर्ट मैरिज के बहाने सत्यपाल उसे औरैया के सुभानपुर गांव ले गया, जहां दोबारा उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला के अनुसार वहां सत्यपाल, जयवरन और सत्यपाल की पत्नी जूली ने उसका मोबाइल फोन और स्त्रीधन भी तोड़ दिया।
इस मामले में पहले मऊदरवाजा थाना पुलिस ने शून्य पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के लिए अलीगढ़ भेजी थी। वहां जांच आगे न बढ़ने के कारण प्रकरण वापस मऊदरवाजा थाने भेज दिया गया। अब पुलिस ने पुनः मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
मऊदरवाजा थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि प्रकरण गंभीर है और इसकी विवेचना वह स्वयं करेंगे। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी आरोपों की निष्पक्षता से पड़ताल की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।






