ग्राम पंचायत में नियमों की अनदेखी, पंचायत सहायक नियुक्ति पर प्रधान कटघरे में
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संवाद 24 संवाददाता। कायमगंज ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत भागीपुर उमराह में पंचायत सहायक के चयन में पात्रता के मानकों का पालन न किए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने ग्राम प्रधान मीरा देवी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। जवाब न मिलने या असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में प्रधान के अधिकार सीज करने की चेतावनी दी गई है।
चयन प्रक्रिया में देरी का मामला जिलाधिकारी कार्यालय के अनुसार, पंचायत सहायक के चयन के लिए 9 जुलाई 2025 को आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद 13 से 31 जुलाई के बीच पंचायत सहायक पद के लिए तीन आवेदन प्राप्त हुए। मेरिट सूची में एक अभ्यर्थी का नाम शीर्ष पर होने के बावजूद चयन प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया और बैठक का एजेंडा तक जारी नहीं किया गया, जिससे प्रक्रिया अधूरी रह गई।
पांच माह तक लंबित रही नियुक्ति 13 जनवरी को हुई समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पंचायत सहायक का चयन अब तक नहीं किया गया है। आरोप है कि पात्र अभ्यर्थी के चयन की संभावना के चलते प्रधान द्वारा लगभग पांच माह तक चयन प्रक्रिया को लंबित रखा गया। इस लापरवाही के कारण ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक की नियुक्ति नहीं हो सकी।
सचिव से भी मांगा गया स्पष्टीकरण मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत सचिव विजय शंकर से भी जवाब तलब किया गया है। प्रशासन का मानना है कि चयन प्रक्रिया में हुई देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच आवश्यक है, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
प्रशासनिक कार्य प्रभावित डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने बताया कि पंचायत सहायक की तैनाती दो बार बाधित की गई है। इसके चलते ग्राम पंचायत में कई सरकारी और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समयबद्ध और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करना अनिवार्य है, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके।






