आपात हालात में क्या करें? नागरिक सुरक्षा की मॉकड्रिल में दिखी प्रशासन की तत्परता
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संवाद 24 संवाददाता। नागरिक सुरक्षा विभाग ने आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार शाम अग्निशमन कार्यालय परिसर में एक व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का मकसद आपात हालात में प्रशासनिक तैयारियों की जांच करना और आम नागरिकों को सुरक्षित रखने की प्रक्रियाओं को व्यवहार में परखना रहा।
मॉकड्रिल के दौरान जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहीं। शाम छह बजे सायरन बजते ही पूरे परिसर में ब्लैकआउट किया गया, जिससे आपात स्थिति का वास्तविक वातावरण बनाया जा सके। इसके दो मिनट बाद पुनः सायरन बजने के साथ ही अभ्यास की औपचारिक शुरुआत हुई।
अभ्यास के तहत अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर टेंडर की सहायता से आग पर काबू पाने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। छत पर फंसे घायलों को रस्सियों के सहारे सुरक्षित नीचे उतारने का अभ्यास भी किया गया, जिसके बाद उपचार के उपरांत उन्हें अस्पताल भेजने की प्रक्रिया दिखाई गई।
इस मॉकड्रिल के माध्यम से यह परखा गया कि आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कितना प्रभावी है और राहत-बचाव कार्य कितनी तेजी से किए जा सकते हैं। नागरिक सुरक्षा विभाग ने इस अभ्यास को आमजन के लिए जागरूकता बढ़ाने वाला बताया, ताकि संकट के समय लोग घबराने के बजाय सही कदम उठा सकें।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार, नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल, क्षेत्राधिकारी सदर ऐश्वर्या उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद अजय वर्मा सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी आर.सी. माथुर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मॉकड्रिल को सफल बताते हुए भविष्य में ऐसे अभ्यास नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।






