बसंत पंचमी पर साधु-संतों का अद्भुत संगम, जूना अखाड़ा की यात्रा में उड़ा अबीर-गुलाल
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संवाद 24 संवाददाता। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जनपद में जूना अखाड़ा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पांचाल घाट स्थित श्री राम नगरिया परिसर से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत अखाड़ा परिसर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन और हवन के साथ हुई।
यात्रा का नेतृत्व जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरी महाराज ने किया। शुभारंभ से पूर्व मां सरस्वती का पूजन किया गया, जिसके बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच अबीर-गुलाल उड़ाते हुए शोभायात्रा आगे बढ़ी। पूरे रामनगरिया क्षेत्र में भ्रमण के दौरान धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।
शोभायात्रा में शामिल साधु-संत विभिन्न वेशभूषाओं में नजर आए। कुछ संत भस्म लगाए हुए और तलवार धारण किए थे, जबकि कुछ पारंपरिक टोपी और वस्त्रों में चलते दिखाई दिए। यात्रा के दौरान ‘जय श्री राम’ के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा, वहीं ढोल-नगाड़ों पर नृत्य करते साधुओं ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
यात्रा मार्ग पर प्रशासनिक पंडाल में मेला लिपिक द्वारा संतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इसके उपरांत कोतवाली परिसर में भी शोभायात्रा का अभिनंदन हुआ। आगे चलकर छठी सीढ़ी स्थित गंगा तट पर पहुंचने पर महंत सत्यगिरी महाराज ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गंगा मैया से जनकल्याण की कामना की।
महंत सत्यगिरी महाराज ने बताया कि बसंत पंचमी के अवसर पर निकाली जाने वाली यह यात्रा परंपरागत रूप से श्रद्धालुओं के स्वस्थ और निरोगी जीवन की कामना हेतु आयोजित की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पूजा-अर्चना के बाद यात्रा पुनः अखाड़ा परिसर लौटकर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।






