वसंत पंचमी पर शहर के आसमान में दिखा रंगों का उत्सव, दिनभर चली पतंगबाजी
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संवाद 24 संवाददाता। वसंत पंचमी का पर्व शहर में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर जहां लोगों ने मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की, वहीं पूरे शहर में पतंगबाजी का माहौल देखने को मिला। सुबह होते ही शहर के आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ने लगीं और छतों पर लोगों की चहल-पहल बढ़ गई।
सुबह करीब छह बजे से ही लोग पतंग और डोर की चरखी लेकर छतों पर पहुंच गए। युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी वसंत के इस पारंपरिक उत्सव में शामिल नजर आए। शहर के कई इलाकों में घरों की छतों पर डीजे और म्यूजिक सिस्टम लगाए गए थे, जहां गीतों की धुनों पर लोग नाचते और उत्सव का आनंद लेते दिखे।
दिनभर पतंगों के पेच लड़ाने का सिलसिला चलता रहा। जैसे ही किसी की पतंग कटती, आसमान ‘आई बो… आई बो… काटा’ की आवाजों से गूंज उठता। जिसने पतंग काटी, उसके चेहरे पर उत्साह झलकता तो वहीं पतंग कटने पर कुछ देर मायूसी भी नजर आई, लेकिन फिर लोग दोबारा पतंग उड़ाने में जुट गए।
दोपहर में मौसम ने भी लोगों का भरपूर साथ दिया। हल्की हवा और खिली धूप के कारण पतंगबाजी का आनंद और बढ़ गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा शहर ही छतों पर उमड़ आया हो। बच्चों की टोलियां गलियों में कटे पतंग लूटने के लिए दौड़ती रहीं, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया।
वसंत पंचमी के अवसर पर घरों में विशेष पकवान बनाए गए। श्रद्धालु मां सरस्वती की पूजा के लिए मंदिरों में पहुंचे और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर लोग पीले वस्त्र धारण किए हुए नजर आए, जो वसंत पंचमी की परंपरा को दर्शाता है।
शहर की पतंग दुकानों पर भी दिनभर अच्छी भीड़ देखी गई। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा चाइना डोर पर प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद कुछ इलाकों में चाइना डोर का उपयोग होते हुए भी देखा गया, जो चिंता का विषय बना रहा।
कुल मिलाकर वसंत पंचमी पर शहर का आसमान हजारों पतंगों से सजा रहा। रंग, संगीत, उल्लास और परंपरा के इस संगम ने पूरे दिन शहर को वसंतमय बनाए रखा और लोगों ने पूरे जोश के साथ इस पर्व का आनंद उठाया।






