घर में घुसकर हैवानियत की हद पार करने वाले आरोपी को 10 साल की सख्त सजा
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संवाद 24 संवाददाता। घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) के न्यायाधीश अभिनीतम उपाध्याय ने बुधवार को अहम फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी अनुपम को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 12 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला थाना नवाबगंज क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के अनुसार उसके पति नोएडा में निजी नौकरी करते हैं। गांव का ही रहने वाला अनुपम उर्फ गुलुआ लंबे समय से उसके साथ छेड़छाड़ करता था। महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने यह बात अपने ससुराल वालों को बताई। ससुर द्वारा आरोपी के परिजनों से शिकायत करने पर अनुपम ने महिला की इज्जत खराब करने की धमकी दी।
घटना 18 जुलाई 2022 की रात करीब 11 बजे की है। पीड़िता घर के घेरे में बने शौचालय में गई थी, तभी आरोपी ने उसे दबोच लिया और दुष्कर्म किया। महिला के शोर मचाने पर ससुरालीजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।
पीड़िता का आरोप है कि थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर जांच का बहाना बनाकर कार्रवाई नहीं की। बाद में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद विवेचक ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने 17 जनवरी को आरोपी अनुपम को दोषी करार दिया था। सजा के बिंदु पर बुधवार को निर्णय सुनाते हुए न्यायालय ने कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा निर्धारित की।
न्यायालय के इस फैसले को महिला सुरक्षा और कानून के सख्त पालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह निर्णय ऐसे अपराधों के प्रति कड़ा संदेश देता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषियों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।






