गंगा और गौ-संरक्षण से ही सुरक्षित रहेगा भविष्य: मेला श्रीरामनगरिया में राज्य मंत्री रजनी तिवारी का सशक्त संदेश
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संवाद 24 संवाददाता। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चल रहे मेला श्रीरामनगरिया में बुधवार को ‘गाय-गंगा भारतीय संस्कृति संरक्षण’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक पंडाल में आयोजित इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है।

संगोष्ठी का शुभारंभ राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रहे हजारों संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

अपने संबोधन में राज्य मंत्री ने कहा कि गंगा मैया का हमारे जीवन में अतुलनीय योगदान है। जल, जीवन और अन्न—तीनों गंगा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि गंगा हमारे पास हैं और हमें उनका आशीर्वाद सुलभ रूप से प्राप्त होता है। गंगा का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

राज्य मंत्री ने गाय के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान दिया गया है। गोबर और गोमूत्र का धार्मिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व है। उन्होंने प्राकृतिक खेती का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन सिद्धांतों पर आज आधुनिक विज्ञान चर्चा कर रहा है, वे हमारे ऋषि-मुनियों ने बहुत पहले ही वेदों और शास्त्रों में वर्णित कर दिए थे।
रजनी तिवारी ने कहा कि मोटे अनाज, प्राकृतिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ सामंजस्य हमारे शास्त्रों की देन है। हमें अपनी संस्कृति, साहित्य और वैदिक परंपरा पर गर्व करते हुए उसी के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्य ही सनातन है और हमारी संस्कृति की जड़ें अत्यंत वैज्ञानिक और समृद्ध हैं।
कार्यक्रम के अंत में राज्य मंत्री ने आयोजन से जुड़े कार्यक्रम संयोजक विपिन शुक्ला और विनीत का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन कविता पांडेय ने किया। इस अवसर पर जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरी महाराज, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी सहित अनेक संत, अधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।






