फर्रुखाबाद का नाम बदलने को लेकर तेज हुआ जनआंदोलन, पांडवेश्वर नाथ शिवालय से हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ
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संवाद 24 संवाददाता। फर्रुखाबाद में जनपद के नाम परिवर्तन को लेकर एक बार फिर सार्वजनिक स्तर पर बहस और सक्रियता तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को पांडवेश्वर नाथ शिवालय (पंडाबाग मंदिर) परिसर से हस्ताक्षर अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य जनपद के वर्तमान नाम को बदलकर उसके पौराणिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव से जोड़ने के पक्ष में व्यापक जनसमर्थन जुटाना बताया गया। अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अभियान का उद्घाटन संत राजेश बाबा (ऋषि आश्रम, पांचालघाट) द्वारा किया गया। इस अवसर पर आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कराया। धार्मिक अनुष्ठान के साथ शुरू हुए इस अभियान ने आयोजन को सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया और बड़ी संख्या में लोगों को भावनात्मक रूप से भी इससे जोड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत राजेश बाबा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान उसके इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से बनती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्वयं आगे आकर इस हस्ताक्षर अभियान में भाग लें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उनके अनुसार, यदि नाम परिवर्तन को लेकर जनपदवासियों की स्पष्ट और संगठित आवाज सामने आती है, तो यह पहल अधिक प्रभावी रूप से शासन और प्रशासन तक पहुंचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गुलामी के प्रतीक माने जाने वाले नाम को हटाकर जनपद की पहचान उसके गौरवशाली अतीत से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि फर्रुखाबाद का नाम उसके पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप “पांचालनगर” किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में यह क्षेत्र पंचाल देश के अंतर्गत आता था, जिसका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और ऐतिहासिक कथाओं में मिलता है। ऐसे में “पांचालनगर” नाम इस भूभाग की प्राचीन पहचान को पुनर्स्थापित करने का माध्यम बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि नाम परिवर्तन की मांग को पूरी तरह संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से एक ठोस जनमत तैयार कर उसे संबंधित मंचों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। आयोजकों का मानना है कि जब जनपद के नागरिक संगठित होकर अपनी मांग रखेंगे, तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश मिश्र ने कहा कि देश के कई स्थानों पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया जनभावनाओं के अनुरूप पूरी की गई है। ऐसे में फर्रुखाबाद के संदर्भ में भी यदि जनसमर्थन स्पष्ट और व्यापक होगा, तो यह मांग मजबूत आधार पर आगे बढ़ सकेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अभियान को शांति, अनुशासन और सकारात्मक संवाद के साथ आगे बढ़ाएं।
जिलाध्यक्ष आशीष गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि नाम परिवर्तन केवल एक शब्द बदलने का विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक स्वाभिमान से जुड़ा मामला है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान एकत्र किए गए हस्ताक्षरों को विधिवत संकलित कर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कार्यक्रम में रोहन कश्यप, दिलीप शर्मा, शशिकांत पाराशर, सोहन शुक्ला, आदित्य मिश्रा, कौशल गुप्ता, सौरभ शाक्य, प्रिंस पाठक, आलोक मिश्रा, दीपक मिश्रा, विजय कटियार और शिवांग बाजपेई समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने अभियान के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए इसे जनभावनाओं से जुड़ा विषय बताया। इसके अतिरिक्त हिन्दू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा ने भी अभियान को अपना समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संगठन स्तर पर भी इस विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा और आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।






