अभिलेखों के सत्यापन में उलझा समायोजन, सीएमओ कार्यालय पर कोविड कर्मियों का धरना दूसरे दिन भी जारी
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संवाद 24 संवाददाता। फर्रुखाबाद में कोरोना महामारी के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त किए गए कर्मचारियों का समायोजन अब भी अधर में लटका हुआ है। समायोजन की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय परिसर में शुरू हुआ धरना प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
कोविड काल में 100 से अधिक कर्मियों को अस्थायी तौर पर विभिन्न पदों पर तैनात किया गया था। महामारी की आपात स्थिति समाप्त होने के बाद अधिकांश कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कर दी गईं। बाद में शासनादेश जारी होने पर कुछ का समायोजन किया गया, लेकिन 59 कर्मचारी अब भी निर्णय की प्रतीक्षा में हैं।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि मई महीने में शासनादेश जारी होने के बावजूद अब तक समायोजन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। कर्मचारी लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। एक कर्मचारी अंकित कुमार का कहना है कि बार-बार तारीखें दी जा रही हैं, मगर फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं। इसी बीच किसान यूनियन ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया।
धरने में शामिल कर्मचारियों में ओटी टेक्नीशियन, वार्ड बॉय और अन्य चतुर्थ श्रेणी के कर्मी शामिल हैं। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे वर्षों तक महामारी के सबसे कठिन दौर में सेवाएं देने के बावजूद आज रोजगार से वंचित हैं, जो उनके साथ अन्याय है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएमओ अवनींद्र कुमार ने बताया कि स्टाफ नर्सों का समायोजन पहले ही किया जा चुका है। शेष बचे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अभिलेखों के सत्यापन के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है और एक-दो दिन में पूरा होते ही समायोजन की कार्रवाई कर दी जाएगी।
हालांकि, धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल बयान नहीं, बल्कि लिखित आदेश और नियुक्ति पत्र चाहते हैं। फिलहाल, Farrukhabad में सीएमओ कार्यालय के बाहर यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है।






