फ्रीगंज में लापरवाही की आग: प्लाईबोर्ड गोदाम में भीषण हादसा, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
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संवाद 24 संवाददाता। आगरा के फ्रीगंज क्षेत्र में शनिवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्लाईबोर्ड के एक गोदाम से अचानक आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा इलाका धुएं से भर गया। लकड़ी और ज्वलनशील सामग्री के भारी भंडार के चलते आग इतनी तेजी से फैली कि उसे काबू में करने में दमकल विभाग को करीब दो घंटे का वक्त लग गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार दमकलें मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियां, तेज लपटें और भीतर रखा प्लाईबोर्ड का बड़ा स्टॉक—इन सबने राहत कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया। आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो चुका था।
यह गोदाम खंदारी निवासी अतुल बंसल का बताया जा रहा है, जो “बंसल इंपैक्स” के नाम से संचालित था। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि गोदाम बिना फायर एनओसी के चल रहा था। इतना ही नहीं, मौके पर अग्निशमन के कई उपकरण एक्सपायरी हालत में मिले, जो आपात स्थिति में किसी काम के नहीं थे। इससे साफ है कि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की जा रही थी।
आग लगने के समय गोदाम के अंदर चौकीदार और उसकी दो बेटियां मौजूद थीं। फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की तत्परता से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फायर सर्विस ऑफिसर सोमदत्त सोनकर ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर गोदाम स्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना केवल एक गोदाम में लगी आग नहीं, बल्कि शहर में संचालित ऐसे कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सवाल खड़े करती है, जो बिना आवश्यक अनुमति और सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं। लाखों का नुकसान तो हुआ ही, लेकिन यदि समय रहते लोगों को बाहर न निकाला जाता, तो यह हादसा जानलेवा भी साबित हो सकता था।
फ्रीगंज की यह आग प्रशासन और कारोबारियों—दोनों के लिए चेतावनी है कि अग्नि सुरक्षा नियम कागजों तक सीमित न रहें। समय रहते सख्ती और जागरूकता ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।






