नकली दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई तेज, 71 करोड़ की दवाएं जब्त; कंपनी और दवा माफिया को नोटिस
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संवाद 24 संवाददाता। नकली दवाओं के खिलाफ चल रही मुहिम में औषधि विभाग और जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है। आगरा में नामी कंपनियों के नाम से बेची जा रही नकली दवाओं के मामले में अब तक करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। मामले में दवा कंपनियों, वितरकों और दवा माफिया को नोटिस जारी करने की तैयारी है।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि आगरा की पांच फर्म—हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पॉइंट, राधे मेडिकल एजेंसी और ताज मेडिको—ने पुडुचेरी स्थित मीनाक्षी फार्मा से नामी कंपनियों के नाम की दवाएं खरीदी थीं। जांच में इन दवाओं के नकली होने की पुष्टि होने पर उन्हें सीज कर दिया गया।
पुडुचेरी में पकड़ी गईं नकली दवा फैक्ट्रियां
सीबीसीआईडी की जांच में पुडुचेरी में नकली दवाएं बनाने वाली तीन फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। यहां से 30 करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाएं और कच्चा माल बरामद हुआ। इसके अलावा करीब 20 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक मशीनें भी जब्त की गईं, जिनकी मदद से नामी कंपनियों की हूबहू पैकिंग में दवाएं तैयार की जा रही थीं।
जांच आगे बढ़ने पर आगरा पुलिस ने मीनाक्षी फार्मा के मालिक एके राणा को पुडुचेरी से गिरफ्तार कर आगरा लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अपने स्तर से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कंपनियों और फर्मों से मांगा जाएगा जवाब
औषधि विभाग अब कोर्ट के माध्यम से आरोपी को नोटिस जारी करेगा। नोटिस में यह स्पष्ट किया जाएगा कि:
क्या संबंधित फर्मों को नामी कंपनियों के नाम की दवाएं बेची गई थीं
दवाओं का भुगतान किस माध्यम से किया गया
दवा निर्माण और आपूर्ति का वैध लाइसेंस था या नहीं
इसके साथ ही पांच नामी दवा कंपनियों को भी नोटिस भेजकर पूछा गया है कि जब्त की गई दवाएं उनके यहां निर्मित हैं या नहीं। बैच नंबर के आधार पर दवाओं के वितरकों की पूरी जानकारी भी मांगी गई है।
अल्प्राजोलम बनाने वाले गिरोह की भी जांच
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि भिवाड़ी में गुजरात एटीएस द्वारा पकड़े गए अल्प्राजोलम दवा बनाने वाले गिरोह की भी जांच की जा रही है। यह दवा नींद के लिए उपयोग होती है, लेकिन नशे के रूप में इसकी अवैध बिक्री की जाती है। गिरोह में आगरा निवासी अंशुल नामक आरोपी के शामिल होने की जानकारी मिली है। उसके नाम से किसी फर्म के संचालन की जांच कराई जा रही है, हालांकि अभी तक आगरा में उसके नाम से कोई पंजीकृत फर्म नहीं मिली है।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती
औषधि विभाग का कहना है कि नकली दवाएं सीधे आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






