आगरा मेट्रो निर्माण में दर्दनाक हादसा: पाइलिंग के दौरान मजदूर की मौत, लापरवाही के आरोप
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संवाद 24 संवाददाता। विकास की राह पर दौड़ते प्रोजेक्ट्स अक्सर मजदूरों की जान की कीमत पर आगे बढ़ते हैं। ताजनगरी आगरा में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण कार्य के दौरान एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें एक युवा मजदूर की जान चली गई। घटना रामबाग क्षेत्र के पास हुई, जहां L&T कंपनी द्वारा पाइलिंग का काम चल रहा था।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक फैले 16 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर पर कुल 14 स्टेशन बनने हैं। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के तहत L&T कंपनी执行 कर रही है। रामबाग के निकट पाइलिंग कार्य के लिए साढ़े चार फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे खोदाई चल रही थी। इसी दौरान सहवाजपुर विजयगढ़ निवासी 29 वर्षीय मजदूर फिरोज गड्ढे के पास काम कर रहा था।
अचानक उसका पैर फिसला और वह गड्ढे में गिर पड़ा। किसी तरह वह बाहर निकला, लेकिन घबराहट में दौड़ने की कोशिश की। तभी दुर्भाग्यवश उसके सिर के दाहिने हिस्से में मौके पर पड़ी एक लोहे की रॉड गहराई से लग गई। गंभीर रूप से घायल फिरोज को तुरंत एंबुलेंस से निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचते-पहुंचते उसकी सांसें थम गईं।
फिरोज के बड़े भाई शमशेर खान और नसरुद्दीन भी इसी मेट्रो प्रोजेक्ट में पिछले छह महीनों से मजदूरी कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्वजन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि साइट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे—न हेलमेट, न सेफ्टी बेल्ट और न ही रॉड्स को सुरक्षित तरीके से कवर किया गया था। मृतक के परिजनों ने L&T कंपनी से उचित मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हादसे के बाद काम रोक दिया गया। UPMRC की टीम ने मजदूर को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में मजदूरों की सुरक्षा क्यों उपेक्षित है? आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट शहर की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने वाला है, लेकिन ऐसे हादसे विकास की चमक पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।






