आगरा में ट्रैफिक जाम से राहत: फतेहाबाद रोड पर बनेगी सार्वजनिक पार्किंग, बोदला-बिचपुरी रोड का अवैध फड़ बाजार होगा बंद
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संवाद 24 संवाददाता। ताजनगरी आगरा में बढ़ते ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि फतेहाबाद रोड पर सार्वजनिक पार्किंग स्थल चिन्हित किया जाए, जबकि बोदला-बिचपुरी रोड पर अवैध रूप से लगने वाले फड़ बाजार को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
फतेहाबाद रोड आगरा का प्रमुख पर्यटन मार्ग है, जहां ताजमहल की ओर जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय वाहनों की भारी भीड़ रहती है। यहां पार्किंग की कमी के कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता है। इस समस्या को देखते हुए नगर निगम और आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे जल्द से जल्द उपयुक्त स्थलों का चयन करें और सार्वजनिक पार्किंग विकसित करें। इससे न केवल ट्रैफिक सुगम होगा, बल्कि पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी।
इसी तरह, बोदला-बिचपुरी रोड पर हर शुक्रवार को लगने वाला अवैध फड़ बाजार लंबे समय से स्थानीय लोगों और यातायात के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क पर ठेले-खोमचे और अस्थायी दुकानों से जाम की स्थिति बन जाती है। मंडलायुक्त ने सख्ती से कहा कि इस अवैध बाजार को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। इससे सिकंदरा, शाहगंज और आसपास के इलाकों में आवागमन आसान होगा।
शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में आयोजित मंडलीय उद्योग बंधु बैठक में मंडलायुक्त ने औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में नालों की सफाई, हाउस टैक्स संबंधी शिकायतों के निस्तारण और जल निकासी व्यवस्था पर जोर दिया। यूपीसीडा और नगर निगम अधिकारियों को संयुक्त बैठक कर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम और सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति की समीक्षा भी हुई। वित्तीय वर्ष में 85 प्रतिशत मार्जिन मनी स्वीकृति हो चुकी है, लेकिन फिरोजाबाद और मथुरा में प्रगति धीमी होने पर नाराजगी जताई गई। अधिकारियों को शीघ्र सुधार लाने के आदेश दिए गए।
इसके अलावा, सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र में 83 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण की योजना को मंजूरी मिल चुकी है। आगरा कारपेट एसोसिएशन के सहयोग से कारीगरों के परिचय पत्र भी बनाए जा रहे हैं।






