सौभाग्य योजना बनी सवालों का कारण, 35 हजार उपभोक्ता राहत से वंचित

संवाद 24 संवाददाता। आगरा में गरीबों तक बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य योजना) अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। जिस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना था, वही योजना ताजनगरी के करीब 35 हजार उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गई है।

दरअसल, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) की बिजली बिल राहत योजना का लाभ उन्हीं बकाएदार उपभोक्ताओं को मिल रहा है, जिनका कनेक्शन दो किलोवाट तक है। जबकि सौभाग्य योजना के तहत वर्ष 2017 में गरीब परिवारों को एक किलोवाट का मुफ्त कनेक्शन दिया गया था। अब आरोप है कि बिना पूर्व सूचना कई उपभोक्ताओं का लोड तीन और चार किलोवाट तक बढ़ा दिया गया, जिससे वे स्वतः ही राहत योजना की पात्रता से बाहर हो गए।

कैंपों में पहुंचने पर खुली पोल
कई उपभोक्ताओं को इस बदलाव की जानकारी तब हुई, जब वे बकाया बिल जमा करने के लिए कैंपों या एसडीओ कार्यालय पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि उनका कनेक्शन अब दो किलोवाट से अधिक का है, इसलिए वे छूट के पात्र नहीं हैं। यह स्थिति न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करती है।

आंकड़े बताते हैं गंभीर स्थिति
आगरा जिले में डीवीवीएनएल के कुल उपभोक्ताओं की संख्या करीब 4.64 लाख है। इनमें से 1.25 लाख बकाएदार ऐसे हैं, जिन्हें बिजली बिल राहत योजना के तहत लाभ मिल सकता है। वहीं, सौभाग्य योजना के कुल 66,261 उपभोक्ताओं में से लगभग 35 हजार बकाएदार ऐसे हैं, जो सिर्फ लोड बढ़ने के कारण इस योजना से बाहर हो गए।

विभाग की दलील, उपभोक्ताओं की परेशानी
विभाग का कहना है कि साल में अधिकतम खपत के आधार पर स्वतः लोड बढ़ाने का प्रावधान है और इसकी जानकारी बिल में दी जाती है। लेकिन उपभोक्ताओं का तर्क है कि उन्हें न तो स्पष्ट सूचना मिली और न ही विकल्प दिया गया, जिससे वे समय रहते आपत्ति दर्ज करा सकें।

सवाल जो जवाब चाहते हैं
क्या गरीब उपभोक्ताओं का लोड बिना स्पष्ट सहमति बढ़ाया जाना उचित है?
क्या राहत योजनाओं का लाभ तकनीकी आधार पर छीन लिया जाना न्यायसंगत है?

सौभाग्य योजना से जुड़े हजारों परिवार आज इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रहे हैं। जरूरत है कि विभाग इस पूरे मामले की पारदर्शी समीक्षा करे और वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत योजना का लाभ दिलाने के लिए व्यावहारिक समाधान निकाले, ताकि “सौभाग्य” सच में सौभाग्य बन सके, दुर्भाग्य नहीं।

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News