आगरा में यूरिया कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: एक्सप्रेसवे पर पकड़ा गया खाद से लदा ट्रक
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संवाद 24 संवाददाता । रबी फसल की बुआई के मौसम में यूरिया उर्वरक की मांग चरम पर है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसे में आगरा प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर यूरिया से लदे एक ट्रक को जब्त किया गया और संबंधित फर्मों व चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यह कार्रवाई शनिवार को बमरौली कटारा थाना क्षेत्र में हुई। उर्वरक निरीक्षक गुफरान अहमद की तहरीर पर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने महल बादशाही गांव के पास फतेहाबाद रोड से एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर ट्रक को रोका। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ट्रक में लदा यूरिया अलीगढ़ से कुंडौल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में इसका रुख मोड़कर अधिक कीमत पर बेचने की साजिश रची जा रही थी।
कृषि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि सरकारी सब्सिडी वाली यूरिया को निर्धारित दर से ज्यादा दाम पर बेचा जा रहा है। टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए ट्रक को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। जांच में सरकारी दर से अधिक मूल्य पर बिक्री की कोशिश का खुलासा हुआ। इस मामले में जीवनी मंडी आगरा की एक फर्म, सेवला गौरव बमरौली कटारा की एक फर्म, एत्मादपुर मदरा की एक फर्म और ट्रक चालक लाखन सिंह के खिलाफ बमरौली कटारा थाने में केस दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त निर्देशों के तहत हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में खाद की कालाबाजारी, होर्डिंग और ओवर रेटिंग पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राज्य में रबी सीजन के लिए यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है, फिर भी कुछ लोग किसानों को ऊंचे दाम पर खाद बेचकर मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) तक लगाया जा सकता है।
किसान संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कालाबाजारी के कारण उन्हें समय पर सस्ती खाद नहीं मिल पाती, जिससे फसल की लागत बढ़ जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यूरिया की सप्लाई पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है। उम्मीद है कि ऐसी कार्रवाइयां कालाबाजारियों में डर पैदा करेंगी और किसानों को राहत मिलेगी।






