आगरा से बरेली तक नया एक्सप्रेसवे: ढाई घंटे में तय होगा सफर, विकास को मिलेगी रफ्तार
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नई गति देने वाला आगरा–बरेली एक्सप्रेसवे तेजी से आकार ले रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। चार चरणों में बनने वाले इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और तय समय से पहले इसके पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला मिश्रा के अनुसार, 228 किलोमीटर लंबा आगरा–बरेली एक्सप्रेसवे (आगरा–बरेली ग्रीन कॉरिडोर) चार लेन का आधुनिक मार्ग होगा। इसके बन जाने से आगरा से बरेली का सफर महज दो से ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा, जबकि अभी इस दूरी को तय करने में पांच से छह घंटे लगते हैं। परियोजना की कुल लागत करीब 7,700 करोड़ रुपये है और इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह एक्सप्रेसवे आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली समेत 15 जिलों के लोगों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। रूट पर 20 फ्लाईओवर, 26 अंडरपास, 5 बड़े पुल और 6 रेल ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं, जिससे यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय विकास, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में मथुरा से हाथरस तक 66 किलोमीटर का निर्माण हो रहा है, जिसमें करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और कुछ हिस्सों में यातायात शुरू हो गया है। दूसरे चरण में हाथरस से कासगंज तक 57 किलोमीटर का मार्ग है, जहां वाहनों का संचालन किया जा रहा है। तीसरे चरण में कासगंज से बदायूं तक 46 किलोमीटर में लगभग 10 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। चौथे और अंतिम चरण में बदायूं से बरेली तक 45 प्रतिशत तक निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
आगरा–बरेली एक्सप्रेसवे न सिर्फ दूरी घटाएगा, बल्कि समय, ईंधन और लागत की भी बचत करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यह परियोजना पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही है।






