झूठी आन की बलि चढ़ी अंशु: प्रेम की सजा बनी मौत, अपनों ने ही छीन ली जिंदगी
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संवाद 24 संवाददाता। आगरा में सामने आई अंशु यादव की हत्या की कहानी न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि समाज के उस काले सच को भी उजागर करती है, जहां आज भी प्रेम और अपनी पसंद से शादी करना ‘इज्जत’ के नाम पर अपराध बना दिया जाता है। जिस बेटी को पिता ने पढ़ाया-लिखाया, उसी ने जब अपने जीवन का फैसला खुद करना चाहा, तो वही पिता उसका कातिल बन बैठा।
35 वर्षीय अंशु यादव डीएलएड पास थी और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रही थी। वह अपने रिश्तेदार अनुराग यादव से प्रेम करती थी और उससे शादी करना चाहती थी। दोनों साथ पढ़े थे और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर चुके थे। लेकिन रिश्तेदारी और तथाकथित सामाजिक मर्यादाओं की दीवार अंशु के घरवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। पिता रणवीर सिंह, जो खुद रिटायर्ड दरोगा हैं, ने बेटी की आज़ादी को अपनी ‘इज्जत’ पर हमला मान लिया।
24 अक्तूबर को अंशु ने 29 सेकंड का एक वीडियो व्हाट्सएप पर अपने प्रेमी को भेजा। उस वीडियो में वह साफ शब्दों में कह रही थी कि उसके घरवाले उसे मार सकते हैं। उसने अपने पिता, मां, भाई और अन्य रिश्तेदारों के नाम तक लिए। यह वीडियो एक चीख थी—मदद की आखिरी गुहार। लेकिन अफसोस, वह चीख उसकी जान नहीं बचा सकी।
25 अक्तूबर को घर के भीतर ही वह खौफनाक वारदात हुई, जिसे सुनकर रूह कांप जाती है। जब अंशु अपने फैसले पर अड़ी रही, तो मां ने उसके पैर पकड़ लिए और पिता रणवीर सिंह ने बेरहमी से उसका गला घोंट दिया। एक मां, जो ममता की प्रतीक मानी जाती है, उसी ने बेटी को जकड़कर मौत के हवाले कर दिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए भाई और मामा भी शामिल हो गए। कार से शव को इटावा ले जाकर यमुना नदी में फेंक दिया गया, ताकि सबूत हमेशा के लिए मिट जाएं।
हत्या के बाद 30 नवंबर को पिता ने ही थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। एक पिता का यह झूठ पुलिस को गुमराह करने की कोशिश था। शहर में पोस्टर लगे, तलाश हुई, लेकिन अंशु तो कब की खामोश हो चुकी थी। मामला तब खुला जब प्रेमी अनुराग यादव ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। उसी याचिका ने पुलिस को शक की दिशा दी और परत-दर-परत सच सामने आने लगा।
पुलिस जांच में जब कड़ियां जुड़ीं तो इटावा के यमुना किनारे से कंकाल और कपड़े बरामद हुए। पूछताछ में पिता रणवीर सिंह, भाई गौरव और मामा सतीश ने हत्या की बात कबूल कर ली। तीनों को जेल भेज दिया गया है, जबकि मां और मामी की तलाश जारी है। कंकाल की डीएनए जांच कराई जाएगी, ताकि सबूत और मजबूत हो सके।






