महिलाओं का गुस्सा: आगरा-जयपुर हाईवे पर शराब ठेके के खिलाफ जोरदार विरोध
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संवाद 24 संवाददाता। ग्रामीण भारत में शराब की लत परिवारों को किस कदर तबाह कर रही है, इसका जीवंत उदाहरण हाल ही में आगरा के किरावली थाना क्षेत्र में देखने को मिला। मिढ़ाकुर चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम महुअर में आगरा-जयपुर राजमार्ग पर स्थित अंग्रेजी और देसी शराब के ठेके के खिलाफ गांव की महिलाओं का लंबे समय से दबा गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। सोमवार दोपहर पांच दर्जन से अधिक महिलाएं एकजुट होकर ठेके पर पहुंचीं और जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित भीड़ ने ठेके के बाहर लगे बोर्ड तोड़ डाले और जमकर हंगामा मचाया।
महिलाओं का कहना है कि यह ठेका गांव के बेहद करीब होने के कारण रोजाना की समस्या बन गया है। शराब पीकर घर लौटने वाले पुरुषों के कारण परिवारों में झगड़े, मारपीट और घरेलू अशांति बढ़ गई है। नशे की यह लत बच्चों पर भी बुरा असर डाल रही है, जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से महिलाओं का सब्र जवाब दे गया। हालात बिगड़ते देख ठेके के सेल्समैन ने अंदर ताला लगाकर जान बचाई।
घटना की सूचना पर मिढ़ाकुर चौकी की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि पुलिस पूरी तरह अलर्ट है और स्थिति नियंत्रण में है। महिलाओं की शिकायतों की जांच कराई जा रही है तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश सहित देश के कई ग्रामीण इलाकों में शराब ठेकों के खिलाफ महिलाओं के विरोध के स्वर लगातार उठ रहे हैं। परिवार की रक्षा और समाज की शांति के लिए महिलाएं आगे आ रही हैं, जो नारी शक्ति का एक मजबूत संदेश है। सवाल यह है कि प्रशासन कब तक आश्वासन देता रहेगा? क्या ठेकों की स्थानांतरण या सख्त नियमों की जरूरत नहीं है।






