प्यार की सजा मौत: रिटायर्ड दरोगा ने बेटी का गला दबाकर हत्या की, यमुना में फेंका शव
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक ऐसी घटना ने समाज को झकझोर दिया है, जहां एक रिटायर्ड दरोगा ने अपनी ही बेटी की ‘ऑनर किलिंग’ कर दी। प्यार के नाम पर बेटी अंशु यादव (33) की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव को परिवार ने यमुना नदी में फेंक दिया। यह मामला न सिर्फ परिवारिक रिश्तों को कलंकित करता है, बल्कि समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच और झूठी इज्जत की खातिर होने वाली क्रूरताओं पर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने पिता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मां फरार है।
परिवार का सामान्य जीवन, छिपा हुआ तनाव
आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र के विनायक गार्डन में रहने वाले रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर रणवीर सिंह यादव (65) का परिवार बाहर से तो सामान्य लगता था। रणवीर सिंह ने उत्तर प्रदेश पुलिस में लंबे समय तक सेवा की थी और रिटायरमेंट के बाद शांतिपूर्ण जीवन जी रहे थे। उनके दो बच्चे थे—बेटा और बेटी अंशु। अंशु एक शिक्षित युवती थी, जो घरेलू कामकाज संभालती थी। लेकिन घर के अंदर एक तनाव सुलग रहा था: अंशु का अपने दूर के रिश्तेदार अनुराग यादव से प्रेम संबंध।
अनुराग, जो फिरोजाबाद का निवासी है, परिवार में भतीजे के रूप में जाना जाता था। दोनों के बीच दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अंशु और अनुराग शादी करना चाहते थे, लेकिन रणवीर सिंह इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। उनका तर्क था कि यह ‘परिवार की इज्जत’ को ठेस पहुंचाएगा। रणवीर सिंह की पत्नी और बेटा भी पिता के पक्ष में खड़े थे। कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन अंशु अड़ी रहीं।
सोशल मीडिया पोस्ट, जो बनी मौत का कारण
24 अक्टूबर 2024 की रात को अंशु ने हारकर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर की। इसमें उसने अनुराग के लिए अपने प्यार का खुला इजहार किया और कहा कि वह किसी की मर्जी के बिना नहीं जीएंगी। यह पोस्ट वायरल हो गई और परिवार में तूफान ला दिया। रणवीर सिंह को यह बर्दाश्त न हुआ। अगली सुबह, 25 अक्टूबर को घर में ही उन्होंने अंशु का गला दबाकर हत्या कर दी। मरते वक्त अंशु वही कपड़े पहने हुई थी, जिनकी फोटो बाद में पुलिस को दी गई।
हत्या के तुरंत बाद रणवीर सिंह ने पत्नी, बेटे और एक रिश्तेदार की मदद से शव को कार में लादा और इटावा के रास्ते यमुना नदी के किनारे ले गए। वहां शव को नदी में फेंक दिया गया। परिवार ने बाहर यह बहाना बनाया कि अंशु घर से भाग गई है। अनुराग ने जब आगरा कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया और हत्या का आरोप लगाया, तो रणवीर सिंह ने खुद ही बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, खुद को बचाने के लिए।
पुलिस की मशक्कत, कंकाल से खुला राज
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। आगरा पुलिस और इटावा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। रणवीर सिंह पर दबाव बढ़ा तो उन्होंने कबूल लिया कि शव यमुना नदी में फेंका गया है। 14 दिसंबर को इटावा के भरथना क्षेत्र में यमुना पुल के नीचे पुलिस को एक कंकाल और कुछ कपड़ों के टुकड़े मिले। डीएनए टेस्ट और कपड़ों की जांच से पुष्टि हुई कि यह अंशु का शव ही था। कंकाल की हालत इतनी खराब थी कि कई दिनों की मशक्कत के बाद ही पहचान हो सकी।
पुलिस ने रणवीर सिंह, उनके बेटे और एक रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया। शव को ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में मां को फरार घोषित कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी आगरा सुनील कुमार घुले ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में पूरी साजिश सामने आ गई है। मामला आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत दर्ज है।






