गजब का हाल गंगाजल पाइपलाइन बनी लोगों की मुसीबत, पश्चिमपुरी शास्त्रीपुरम में बदहाल ज़िंदगी

Share your love

संवाद 24 संवाददाता। पश्चिमपुरी और शास्त्रीपुरम क्षेत्र में गंगाजल पाइपलाइन बिछाने का काम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बन गया है। जल निगम द्वारा सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन उन्हें दुरुस्त करना जैसे भूल ही गए। नतीजा यह है कि 80 फुट जोनल रोड की एक पूरी साइड यातायात के लिए बंद पड़ी है और आम जनता धूल, जाम और प्रदूषण के बीच जीने को मजबूर है।

सिकंदरा बोदला रोड पर फूड सर्किल से एडीए के जोनल पार्क तक बनी 80 फुट चौड़ी सड़क आज खुदाई और मिट्टी के ढेरों की वजह से संकरी गलियों में तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग से हरीश नगर, नारायण विहार, अरविंद पुरम, सालासर हनुमान मंदिर सहित कई घनी आबादी वाले इलाकों के लोग गुजरते हैं। यहीं हिलमैन पब्लिक स्कूल, सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट, चिल्ड्रन प्रोग्रेसिव इंटर कॉलेज, लाइफ लाइन इंटर कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और गायत्री पब्लिक स्कूल जैसे आठ बड़े शिक्षण संस्थान भी हैं, जिनके 25 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं रोजाना इसी रास्ते से आते-जाते हैं।

सुबह स्कूल खुलने और दोपहर छुट्टी के समय हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं। एक ओर की सड़क बंद होने से स्कूल बसें और वैन जाम में फंस जाती हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे छुट्टी के एक से डेढ़ घंटे बाद तक घर पहुंच पा रहे हैं। छोटे बच्चों के लिए यह हालात न सिर्फ थकाने वाले हैं, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

हालात यहीं नहीं थमते। खुदाई के बाद मिट्टी और मलबा सड़क पर छोड़ देने से पूरे इलाके में धूल के गुबार उड़ रहे हैं। न तो हरे पर्दे लगाए गए हैं और न ही पानी का नियमित छिड़काव किया जा रहा है। इसका असर सीधे हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है। सरकारी आंकड़े भी इस बदहाली की गवाही दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, यूपीएसआईडीसी–शास्त्रीपुरम क्षेत्र में एक्यूआई 227 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। पश्चिमपुरी क्षेत्र में पीएम-10 कणों की मात्रा 373 और पीएम 2.5 की मात्रा 355 तक पहुंच गई, जो सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ाने के लिए काफी है।

स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। पश्चिमपुरी निवासी महेंद्र सिंह का कहना है कि खुदाई के बाद मिट्टी न हटाने से धूल उड़ रही है और अगर बारिश हुई तो फिसलन के कारण हादसे तय हैं। उन्होंने तुरंत मिट्टी हटाकर गिट्टी डालने की मांग की है। वहीं हरीश नगर निवासी पवन सिंह बताते हैं कि एक महीने से सड़क का एक हिस्सा बंद पड़ा है। जाम के कारण बच्चों का स्कूल आना-जाना दूभर हो गया है और हर दिन वाहन फंस रहे हैं।

इस पूरे मामले पर जल निगम के प्रोजेक्ट इंजीनियर एहतेशाम का कहना है कि ठेकेदार को सभी मानकों के पालन के निर्देश दिए गए हैं। सड़क पर पड़ी मिट्टी हटवाई जाएगी और पानी के छिड़काव को भी सुनिश्चित कराया जाएगा।

अब सवाल यह है कि क्या ये आश्वासन ज़मीन पर भी दिखाई देंगे या लोग यूं ही धूल, जाम और प्रदूषण में घुटते रहेंगे? विकास के नाम पर की गई यह लापरवाही कब जिम्मेदारी में बदलेगी, इसका जवाब क्षेत्रवासी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News