इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर अधिवक्ता के परिवार को दी जान से मारने की धमकी, साइबर सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
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संवाद 24 संवाददाता। साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ते जा रहे हैं कि अब वे सोशल मीडिया के जरिए सीधे लोगों के परिवारों को निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर और डराने वाला मामला आगरा से सामने आया है, जहां सदर तहसील के अधिवक्ता बालकृष्ण अग्रवाल की पत्नी रीमा अग्रवाल का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया। हैकरों ने न सिर्फ अकाउंट पर कब्जा किया, बल्कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
यह घटना 13 जनवरी की रात की बताई जा रही है।
अचानक रीमा अग्रवाल के इंस्टाग्राम अकाउंट से आपत्तिजनक और गाली-गलौज भरे संदेश जाने लगे। कुछ ही देर में धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया, जिसमें अधिवक्ता बालकृष्ण अग्रवाल और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। सोशल मीडिया के जरिए मिली इन धमकियों से परिवार में भय और मानसिक तनाव का माहौल बन गया।
थाना शाहगंज में दर्ज कराई गई रिपोर्ट
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने तत्काल थाना शाहगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई। तहरीर में बताया गया है कि साइबर अपराधियों ने इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक कर उसका दुरुपयोग किया और जान से मारने की धमकियां दीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से अकाउंट हैक करने वालों की पहचान की जा रही है। आईपी एड्रेस, लॉग-इन लोकेशन और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी तकनीकी जानकारी मांगी जाएगी।
परिवार में दहशत, बढ़ती साइबर अपराध की चिंता
अधिवक्ता परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की धमकियां मिलना बेहद डरावना अनुभव है। खासकर जब परिवार की सुरक्षा को लेकर सीधी धमकी दी जाए, तो मानसिक तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। यह घटना न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए चिंता का विषय है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि साइबर अपराधी अब निजी जीवन में दखल देने से भी नहीं हिचक रहे।
सतर्कता ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और संदिग्ध लिंक से दूरी ही इस तरह के अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। किसी भी अकाउंट के हैक होने या धमकी मिलने की स्थिति में तुरंत पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करना जरूरी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में बढ़ती सुविधाओं के साथ-साथ साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता और सख्त कार्रवाई कितनी जरूरी हो चुकी






