सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती, अपहरण और लूट तक पहुंचा मामला: मुंबई के कारोबारी को अगवा कर पीटा
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संवाद 24 संवाददाता। सोशल मीडिया पर हुई पहचान एक मुंबई के कारोबारी के लिए भारी पड़ गई। समलैंगिक समुदाय से जुड़े एक फेसबुक ग्रुप के जरिए शुरू हुई बातचीत का अंत अपहरण, मारपीट और लूट के रूप में हुआ। मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पीड़ित व्यापारी ने सात जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह मुंबई से आगरा रामबाग अपने एक परिचित से मिलने आया था और तय स्थान पर खड़े होकर इंतजार कर रहा था। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और जबरन उसे कार में बैठाकर अगवा कर लिया।
खेत में ले जाकर की मारपीट, 1.20 लाख रुपये वसूले
आरोप है कि बदमाश व्यापारी को शहर से बाहर खेत में ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई और डराकर उससे 1.20 लाख रुपये की वसूली की गई। घटना के बाद पीड़ित सदमे में रहा और बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और हाथरस के थाना चंदपा निवासी ऋतिक, अभिषेक चौधरी उर्फ भोला, पारस चौधरी उर्फ पिंटू तथा डींग (राजस्थान) निवासी रामेश्वर उर्फ मोटू उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार किया।
फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रची गई साजिश
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपी रामेश्वर ने स्वीकार किया है कि उसने रोहन ठाकुर नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बना रखी थी। वह फेसबुक पर मौजूद ‘आगरा बॉटम’ नामक समलैंगिक ग्रुप से जुड़ा हुआ था।
घटना वाले दिन सुबह व्यापारी ने उसी आईडी पर मैसेज किया, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और वीडियो कॉल भी हुई। इसके बाद मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और मिलने की योजना बनी।
मिलने के बहाने बुलाया, फिर साथियों के साथ दिया वारदात को अंजाम
रामेश्वर अपने साथी ऋतिक के साथ रामबाग पहुंचा। इसके बाद खंदौली की ओर जाते समय रास्ते में अभिषेक, पारस और पिंटू भी कार में शामिल हो गए। सभी ने मिलकर व्यापारी को खेत में ले जाकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 800 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, एक अंगूठी और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की है।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट की तैयारी
पुलिस का कहना है कि मामले में कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोप पत्र दाखिल कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।






