यमुना एक्सप्रेस-वे में गई जमीन के बदले किसानों को मिलेगा 64.7% अतिरिक्त मुआवजा, जनवरी के अंत से शुरू होगा भुगतान
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संवाद 24 संवाददाता। यमुना एक्सप्रेस-वे और जेपी ग्रुप टाउनशिप के लिए अपनी भूमि देने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। आगरा जिले के एत्मादपुर और खंदौली क्षेत्र के हजारों किसानों को वर्षों से लंबित 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा अब जल्द मिलने वाला है। एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह के लगातार प्रयासों के बाद यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने भुगतान प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जता दी है।
जानकारी के अनुसार, जनवरी के अंत तक किसानों को अतिरिक्त मुआवजे का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
2009 में हुआ था भूमि अधिग्रहण
यीडा ने वर्ष 2009 में एत्मादपुर तहसील के छलेसर, गढ़ी रामी, बंगारा, नगला नत्थू, नगला गोला, चौगान, नगला तल्फी, बिहारीपुर और कुबेरपुर सहित खंदौली क्षेत्र के करीब 6 हजार से अधिक किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था।
इस अधिग्रहण में
491 हेक्टेयर भूमि जेपी ग्रुप टाउनशिप,
25-25 हेक्टेयर इंटरचेंज, टोल प्लाजा और फैसिलिटी सेंटर,
तथा 312 हेक्टेयर भूमि यमुना एक्सप्रेस-वे रोड के लिए ली गई थी।
अधिग्रहण के समय जेपी ग्रुप ने किसानों को मूल मुआवजे के अतिरिक्त 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह भुगतान अब तक नहीं हो पाया। इसके विरोध में किसानों ने वर्षों तक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किए।
विधायक के साथ किसानों ने की यीडा सीईओ से मुलाकात
मंगलवार को विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ नोएडा पहुंचे और यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह से मुलाकात की। इस दौरान किसान प्रतिनिधि मनोज शर्मा, रनवीर सिंह, योगेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह और सचिन भी मौजूद रहे।
बैठक में विधायक ने किसानों की वर्षों पुरानी समस्या को मजबूती से उठाया। यीडा सीईओ ने भरोसा दिलाया कि जनवरी के अंत तक अतिरिक्त मुआवजे का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
बकाया और लंबित मामलों पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में उन किसानों के मामलों पर भी चर्चा हुई, जिन्होंने अब तक कोई मुआवजा नहीं लिया है। विधायक ने बताया कि ऐसे मामलों का भी जल्द निस्तारण कर किसानों को उनका हक दिलाया जाएगा।
किसानों में जगी उम्मीद
लंबे इंतजार के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होने की खबर से किसानों में उम्मीद जगी है। किसानों का कहना है कि यदि यह वादा समय पर पूरा होता है, तो वर्षों से चला आ रहा उनका संघर्ष सार्थक हो जाएगा।






