सर्दी ने तोड़ा रिकॉर्ड: सफेद चादर में लिपटा ताजमहल, कोहरे ने छीना दीदार; अगले तीन दिन भी राहत नहीं
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संवाद 24 संवाददाता। ताजनगरी आगरा में सर्दी ने इस बार सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। मंगलवार की सुबह ऐसा घना कोहरा छाया कि दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल पूरी तरह ओझल हो गया। दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य के करीब पहुंच गई, जिसके चलते सुबह करीब 9:30 बजे तक न तो ताज का मुख्य गुंबद दिखा और न ही मुख्य प्रवेश द्वार। सफेद संगमरमरी स्मारक मानो कोहरे की सफेद चादर में पूरी तरह लिपट गया हो—कुछ मीटर की दूरी से भी कुछ नजर नहीं आया।
दीदार को तरसे सैकड़ों सैलानी
दिल्ली, मुंबई, दक्षिण भारत और विदेशों से आए सैकड़ों पर्यटक ताजमहल के दीदार को तरसते नजर आए। कई सैलानियों ने बताया कि उन्होंने महीनों पहले इस यात्रा की योजना बनाई थी, लेकिन कोहरे ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। रॉयल गेट के पास खड़े होकर लोग घंटों धूप निकलने का इंतजार करते रहे, मगर धुंध छंटने का नाम नहीं ले रही थी।
डायना बेंच पर बैठकर यादगार तस्वीरों का सपना संजोए युवाओं को बिना फोटो खिंचवाए ही लौटना पड़ा। मायूसी साफ झलक रही थी—क्योंकि ताजमहल, जो आमतौर पर सुबह की हल्की धूप में सबसे मनमोहक दिखता है, आज पूरी तरह अदृश्य रहा।
आगरा रहा प्रदेश में सबसे ठंडा
सोमवार को आगरा उत्तर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री सेल्सियस की तेज गिरावट आई और पारा 13.3 डिग्री तक जा पहुंचा—जो इस सीजन का अब तक का न्यूनतम स्तर है। कंपकंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
अगले तीन दिन भी राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह-शाम घना कोहरा, ठंडी हवाएं और दिन में भी धूप की कमी बनी रह सकती है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर 12वीं तक के सभी बोर्डों के विद्यालयों में 8 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
ताज और ताजनगरी दोनों ठिठुरे
ताजमहल जहां आज सैलानियों की नजरों से छिपा रहा, वहीं पूरी ताजनगरी कड़ाके की ठंड से ठिठुरती दिखी। सड़कों पर आवाजाही सुस्त रही, लोग अलाव और गर्म कपड़ों के सहारे दिन काटते नजर आए।
साफ है कि फिलहाल आगरा को सर्दी और कोहरे से राहत का इंतजार है—और ताजमहल के दीदार का भी।






