निकाह के बाद का सच डरा देगा: हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, कनाडा से चल रहा था गिरोह
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संवाद 24 संवाददाता। धर्मांतरण के एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस अब उसके विदेशी सरगना पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड सैयद दाऊद अहमद बताया जा रहा है, जो मूल रूप से भोपाल (मध्य प्रदेश) का निवासी है और पिछले एक वर्ष से कनाडा में रह रहा है। उस पर थाना सदर क्षेत्र की दो सगी हिंदू बहनों का जबरन/षड्यंत्रपूर्वक धर्म परिवर्तन कराने का गंभीर आरोप है।
बहनों के धर्मांतरण से खुला पूरा जाल
मार्च 2025 में दो सगी बहनों के धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की। पीड़ित बहनों को कोलकाता से बरामद कर लाया गया। जांच आगे बढ़ी तो यह मामला केवल स्थानीय नहीं, बल्कि कई राज्यों और विदेश तक फैले नेटवर्क से जुड़ा निकला।
जुलाई 2025 में पुलिस ने गिरोह का खुलासा करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आयुक्त की खुले तौर पर सराहना की थी।
गिरोह में कई बड़े नाम, विदेशी कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया कि गोवा की आयशा गिरोह में अहम भूमिका निभा रही थी, जबकि दिल्ली का अब्दुल रहमान बड़े स्तर पर नेटवर्क के लिए काम कर रहा था। कई आरोपी सीधे तौर पर सैयद दाऊद अहमद के संपर्क में थे।
पुलिस को दाऊद के सोशल मीडिया खातों से देश विरोधी पोस्ट भी मिली हैं। इसके अलावा, आरोपियों के मोबाइल फोन से चैट और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिनसे साफ हुआ कि दाऊद गिरोह को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ रणनीतिक निर्देश भी दे रहा था।
गैर-जमानती वारंट, अब कुर्की की तैयारी
पुलिस के अनुसार, सैयद दाऊद अहमद भोपाल के रायसेन रोड स्थित लाला लाजपत राय कॉलोनी का निवासी है। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। 6 अक्तूबर और 26 दिसंबर 2025 को पुलिस ने उसके घर दबिश दी, लेकिन वहां केवल उसके पिता ही मिले। पिता का कहना है कि बेटा कनाडा से वापस नहीं आता।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी अपनी संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर सकता है। इसी को देखते हुए विवेचक ने कोर्ट में कुर्की-उद्घोषणा की प्रक्रिया शुरू कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।
पुलिस का साफ संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। चाहे आरोपी देश में हो या विदेश में, कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। आने वाले दिनों में इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।






