
शुक्र उदय का इंतज़ार क्यों? जानिए वह समय जब शुभ कार्य करना माना जाता है अशुभ
संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का अस्त (अदृश्य होना) और उदय (पुनः दृश्यमान होना) केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक–सांस्कृतिक निर्णयों का आधार माना गया है। विवाह, गृहप्रवेश, उपनयन जैसे सभी शुभ संस्कार ग्रह की शुभ…














