3 दिसंबर 2025 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 3 दिसम्बर 2025, बुधवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – त्रयोदशी रात्रि 01:42 तक, तत्पश्चात् चतुर्दशी
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अश्विनी दोपहर 02:58 तक, तत्पश्चात् भरणी
योग – धृति
करण – बव, तत्पश्चात् बालव
चंद्र गोचर – मेष राशि में
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:57
सूर्यास्त – 05:21
अभिजित मुहूर्त – 11:55 से 12:34 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:49 से 12:42 तक (4 दिसंबर)
राहुकाल – दोपहर 12:00 से 01:18 तक
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
पंचक – नहीं
भद्रा – नहीं
सर्वार्थसिद्धि योग – आज प्रातः 09:20 तक
व्रत-पर्व विवरण
आज कोई प्रमुख व्रत नहीं है। परंतु शुक्ल त्रयोदशी देवी-पूजन एवं गृह-शांति कर्मों के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है।
विशेष जानकारी
शुक्ल त्रयोदशी तिथि में भगवान शिव की पूजा करने से दोषों का निवारण और स्वास्थ्य में सुधार होता है। इस दिन जलदान, गौ-संवर्धन और गरीबों के भोजन का विशेष फल बताया गया है।
दिशा-विवेक
- पूर्व दिशा में यात्रा करना अत्यंत शुभ है।
- उत्तर दिशा में यात्रा से पहले दही-चीनी ग्रहण करें।
- सोते समय सिर पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर रखें।
आज का विशेष उपाय (धन प्राप्ति हेतु)
बुधवार के दिन लक्ष्मी-नारायण के समक्ष पीली हल्दी की गांठ रखकर पूजा करें। कुबेर मंत्र “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः” का 21 बार जप करें। इससे धन वृद्धि, व्यापार में लाभ और रुका धन प्राप्त होने का योग बनता है।

आज का राशिफल 3 दिसंबर 2025, बुधवार
आज का दिन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?
किसका चमकेगा आज भाग्य? पढ़ें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। हर राशि के लिए दिनभर का सटीक विश्लेषण।
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आत्मबल बढ़ेगा। रुका पैसा मिलने की संभावना।
उपाय – हरे मूंग का दान करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
कार्यस्थल पर सम्मान मिलेगा। परिवार में सुख शांति।
उपाय – भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
यात्रा लाभदायक होगी। नई योजना सफल होगी।
उपाय – गाय को हरा चारा खिलाएँ।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
मानसिक तनाव दूर होगा। पुराने कार्य पूरे होंगे।
उपाय – शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
धन लाभ के संकेत। अधिकार में वृद्धि।
उपाय – सूर्य को जल अर्पित करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कार्य में तेजी आएगी। वातावरण अनुकूल।
उपाय – तुलसी के पास दीपक जलाएँ।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
प्रेम जीवन मधुर। साझेदारी से लाभ।
उपाय – माता लक्ष्मी को कमल पुष्प अर्पित करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
परिवार में समाधान होगा। विवाद दूर होंगे।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य साथ देगा। पूजा-पाठ में रुचि बढ़ेगी।
उपाय – पीले फल का दान करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
नौकरी में लाभ। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – शनि देव को तिल अर्पित करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। नए लोग सहयोग करेंगे।
उपाय – जरूरतमंद को भोजन कराएँ।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
धन प्राप्ति योग। मन प्रसन्न।
उपाय – गणेश जी को मोदक अर्पित करें।
विशेष योग
बुधवार, गणेश और विष्णु आराधना से बुद्धि, व्यापार, धन और सौभाग्य में वृद्धि होती है।


