27 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 27 नवम्बर 2025, गुरुवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – सप्तमी रात्रि 11:58 तक, तत्पश्चात् अष्टमी
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – धनिष्ठा दोपहर 12:44 तक, तत्पश्चात् शतभिषा
योग – ध्रुव प्रातः 07:02 तक, तत्पश्चात् व्याघात
करण – गर, तत्पश्चात् वणिज
चंद्र गोचर – कुंभ राशि में
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:54
सूर्यास्त – 05:23
राहुकाल – 01:28 PM से 02:49 PM तक
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
शुभ मुहूर्त
सुबह 10:28 से 12:06 बजे तक
व्रत-पर्व विवरण
आज कोई प्रमुख व्रत या पर्व नहीं है।
विशेष जानकारी
शुक्ल सप्तमी तिथि में प्रारंभ किए गए कार्य दीर्घकाल तक स्थिर रहते हैं। इस दिन लिए गए संकल्प विशेष सिद्धि प्रदान करते हैं।
दिशा-विवेक
- पूजा-आरती पूर्व या उत्तर दिशा की ओर करना शुभ फलदायक होता है।
- दक्षिण दिशा में पूजा करने से मानसिक अशांति बढ़ सकती है।
- सोते समय सिरहाना पूर्व या दक्षिण दिशा में रखें।
आज का विशेष उपाय (धन वृद्धि हेतु)
गुरुवार के दिन केले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएँ। पीले चावल और हल्दी की गांठ बृहस्पति देव को अर्पित करें। “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 27 बार जाप करें। इस उपाय से धन की आवक बढ़ती है और आर्थिक बाधाएँ दूर होती हैं।

आज का राशिफल 27 नवंबर 2025, गुरुवार
संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
आज का दिन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?
किसका चमकेगा आज भाग्य? पढ़ें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। हर राशि के लिए दिनभर का सटीक विश्लेषण।
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी। रुके कार्य पूरे हो सकते हैं।
उपाय – पीले वस्त्र धारण करें और गुरु का आशीर्वाद लें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
धन लाभ के संकेत हैं। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी।
उपाय – मंदिर में घी का दीपक जलाएँ।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ दिन है। मित्रों से सहयोग मिलेगा।
उपाय – तुलसी को जल अर्पित करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
मानसिक शांति बनी रहेगी। रुका धन वापस मिल सकता है।
उपाय – शिवलिंग पर दूध अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
सम्मान और यश में वृद्धि के योग हैं।
उपाय – सूर्य देव को जल अर्पित करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
नौकरी और व्यापार में लाभ के योग हैं।
उपाय – गाय को हरा चारा खिलाएँ।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
साझेदारी में सफलता मिलेगी। धन आगमन के योग हैं।
उपाय – लक्ष्मी जी को सफेद मिठाई चढ़ाएँ।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
साहस और आत्मबल बढ़ेगा। विरोधी शांत रहेंगे।
उपाय – हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा।
उपाय – पीली दाल का दान करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
व्यापार में नई सफलता मिलेगी। निवेश लाभकारी रहेगा।
उपाय – शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाएँ।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सुख-सुविधाएँ बढ़ेंगी।
उपाय – गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
विशेष योग
गुरुवार, बृहस्पति देव की आराधना से विद्या, धन और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।


