26 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 26 नवम्बर 2025, बुधवार
कालगणना
विक्रम संवत् – 2082
कलियुग – 5127
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – षष्ठी पूरे दिन
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – श्रवण पूरे दिन
योग – वृद्धि पूरे दिन
करण – कौ्लव और तत्पश्चात तैतिल।
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:53
सूर्यास्त – 05:24
राहुकाल – 12:14 PM से 01:34 PM
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
व्रत-पर्व विवरण
आज विशेष व्रत या पर्व नहीं प्रदर्शित हुआ।
विशेष जानकारी
षष्ठी तिथि को व्यापार या नौकरी में प्रारंभ करते समय ध्यान देना चाहिए, क्योंकि तिथि और योग मिलकर “वृद्धि” का संकेत दे रहे हैं।
दिशा-विवेक
1. पूजा-आरती पूर्व या उत्तर दिशा में करते हुए कार्य आरंभ करें।
2. दक्षिण या पश्चिम दिशा में मुख करके आरंभ करने से संघर्ष की संभावना बढ़ सकती है।
3. सोते समय सिरहाना पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर रखें।
आज का विशेष उपाय (मान-सम्मान हेतु)
आज किसी सम्मानित गुरु या अनुभवी व्यक्ति को पीले वस्त्र, गुड़ एवं पीले पुष्प अर्पित करें। उसके बाद “ॐ गुरुर्बृहस्पतये नमः” मंत्र का 21 बार जाप करें। इस उपाय से सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होती है, और आपके कार्यों में सहयोगी तथा मार्गदर्शक मिल सकते हैं।

आज का राशिफल 26 नवंबर 2025, बुधवार
संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
आज का दिन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?
किसका चमकेगा आज भाग्य? पढ़ें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। हर राशि के लिए दिनभर का सटीक विश्लेषण।
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज नए विचारों से प्रेरणा मिलेगी। कार्य में नई दिशा मिल सकती है और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
मानसिक शांति मिलेगी। आर्थिक मामलों में सुधार होगा। परिवार में सौहार्द बना रहेगा।
उपाय – माँ दुर्गा को लाल पुष्प और गुड़ अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आपके संपर्क लाभदायक होंगे। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है।
उपाय – गाय को हरा चारा खिलाएँ।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आत्मविश्वास ऊँचा रहेगा। विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पुराने संघर्ष सुलझ सकते हैं।
उपाय – शिवजी को जल और बेलपत्र अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
यात्रा के योग बन रहे हैं। सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कार्य में सफलता और नए अवसर प्राप्त होंगे। पारिवारिक जीवन में स्थिरता रहेगी।
उपाय – माँ दुर्गा को सफेद पुष्प चढ़ाएँ।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
धन लाभ के योग अधिक हैं। साझेदारी में काम बनेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।
उपाय – गुड़ और काला तिल दान करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
भाग्य का सहयोग मिलेगा। नए प्रोजेक्ट सफल होंगे। विरोधियों पर विजय संभव है।
उपाय – लाल मसूर दाल दान करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। यात्रा शुभ रहेगी। आत्मबल बढ़ेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
ब्यापार में सफलता। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। महत्वपूर्ण अवसर आएँगे।
उपाय – शनि देव को तिल का तेल अर्पित करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
नए संपर्क फायदे देंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। साझेदारी में लाभ होगा।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
धन प्राप्ति और यश की वृद्धि। परिवार में प्रेम और सहयोग बना रहेगा।
उपाय – गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
शुभ मुहूर्त- सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक 1:30 बजे तक (बुधवार)
चंद्र गोचर– सिंह राशि में
विशेष योग – बुधवार – गणेश जी की आराधना से बुद्धि, समृद्धि और बाधाओं का नाश होता है।

