25 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 25 नवम्बर 2025, मंगलवार
कालगणना
विक्रम संवत् – 2082
कलियुग – 5127
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्थी रात्रि 08:46 तक, तत्पश्चात् पंचमी
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा दोपहर 03:02 तक, तत्पश्चात् श्रवण
योग – सुकर्मा प्रातः 09:24 तक, तत्पश्चात् धृति
करण – वणिज, तत्पश्चात् विष्टि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:53
सूर्यास्त – 05:31
ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 05:15 से 06:03 तक
अभिजीत मुहूर्त – 11:44 से 12:27 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:41 से 12:33 (26 नवम्बर) तक
भद्रा – दोपहर 01:05 से रात्रि 08:46 तक
मूल – नहीं
पंचक – नहीं
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
राहुकाल – दोपहर 03:03 से 04:25 तक
व्रत पर्व विवरण – कोई प्रमुख व्रत विशेष नहीं है।
विशेष जानकारी – शुक्ल चतुर्थी तिथि को दूर्वा घास भगवान गणेश को अर्पित करने से विघ्नों का नाश होता है और कार्यों में निरंतर सफलता प्राप्त होती है।
दिशा विवेक
- पूर्व दिशा की ओर मुख करके कार्य करने से उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
- दक्षिण दिशा की ओर अधिक समय तक बैठकर कार्य करने से मन में चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
- सोते समय सिरहाना पूर्व या दक्षिण दिशा में रखना हितकारी माना जाता है।
आज का विशेष उपाय (धन वृद्धि हेतु)
मंगलवार के दिन लाल कपड़े में सात सुपारी और थोड़े से चावल बांधकर घर की तिजोरी या धन स्थान में रखें।
फिर “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 21 बार जप करें।
इस उपाय से धन की अड़चनें दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

