24 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 24 नवम्बर 2025, सोमवार
कालगणना
विक्रम संवत् – 2082
कलियुग – 5127
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – तृतीया रात्रि 09:52 तक, तत्पश्चात् चतुर्थी
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा दोपहर 01:14 तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा
योग – अतिगण्ड
करण – गर, तत्पश्चात् वणिज
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:52
सूर्यास्त – 05:32
ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 05:14 से 06:02 तक
अभिजीत मुहूर्त – 11:44 से 12:27 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:40 से 12:32 (25 नवम्बर) तक
भद्रा – नहीं
मूल – नहीं
पंचक – नहीं
दिशाशूल – पूर्व दिशा में
राहुकाल – सुबह 07:58 से 09:21 तक
व्रत पर्व विवरण – कोई प्रमुख व्रत विशेष नहीं है।
विशेष जानकारी – शुक्ल तृतीया तिथि को चांदी का दान करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है तथा पारिवारिक सुख में वृद्धि मानी जाती है।
दिशा विवेक
- पूजा पूर्व दिशा की ओर मुख करके करने से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
- दक्षिण दिशा में पूजा करने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
- सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।
आज का विशेष उपाय (गृह क्लेश शांति हेतु)
सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें, बेलपत्र चढ़ाएँ और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 21 बार जप करें।
इससे घर में चल रहे कलह, तनाव और अशांति का निवारण होता है तथा वातावरण पवित्र होता है।

