23 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
अंग्रेजी दिनांक – 23 नवम्बर 2025, रविवार
कालगणना
विक्रम संवत् – 2082
कलियुग – 5127
शक संवत् – 1947
संवत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – द्वितीया रात्रि 10:41 तक, तत्पश्चात् तृतीया
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मूल प्रातः 09:19 तक, तत्पश्चात् पूर्वाषाढ़ा
योग – शोभन
करण – तैतिल, तत्पश्चात् गर
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:51
सूर्यास्त – 05:33
ब्रह्ममुहूर्त – 05:13 से 06:01 तक
अभिजीत मुहूर्त – 11:44 से 12:28 तक
निशिता मुहूर्त – 11:39 PM से 12:32 AM (24 नवम्बर)
राहुकाल – शाम 04:30 से 06:00 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
भद्रा – नहीं
पंचक – नहीं
व्रत-पर्व विवरण –
आज कोई प्रमुख व्रत नहीं है, परन्तु सूर्य देव की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है।
विशेष जानकारी –
शुक्ल द्वितीया को लाल वस्त्र दान करने से पारिवारिक सौख्य और सामाजिक सम्मान में वृद्धि होती है।
दिशा-विवेक –
- पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ है।
- पश्चिम दिशा में यात्रा करते समय शुद्ध मन और मौन रखें।
- शयन के समय सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रखें।
आज का विशेष उपाय (ऋण मुक्ति हेतु) –
प्रातःकाल पीपल के वृक्ष के नीचे मीठा जल चढ़ाएँ, 7 परिक्रमा करें और “ॐ नमः भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 11 बार जप करें।
इस उपाय से पुराने कर्ज़, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव में राहत मिलती है।


