22 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 22 नवम्बर 2025, शनिवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
संवत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल प्रारंभ
तिथि – प्रतिपदा (दोपहर बाद तक), तत्पश्चात द्वितीया आरंभ
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – ज्येष्ठा (अधिकांश दिन)
योग – सौभाग्य
करण – कौलव, तत्पश्चात तैतिल
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:50
सूर्यास्त – 05:34
ब्रह्ममुहूर्त – 05:12 से 06:00
अभिजीत मुहूर्त – आज नहीं
निशिता मुहूर्त – 11:40 PM से 12:33 AM (23 नवंबर)
राहुकाल – 09:00 AM से 10:30 AM (शनिवार)
दिशाशूल – पूर्व दिशा
भद्रा – नहीं
पंचक – नहीं
व्रत-पर्व विवरण – आज शुक्ल पक्ष का प्रथम दिवस है। किसी भी शुभ कार्य, खरीदारी, मुहूर्त या नई शुरुआत के लिए श्रेष्ठ दिन माना गया है।
विशेष जानकारी – प्रतिपदा तिथि पर भगवान विष्णु की आराधना, दीपदान, तुलसी पर जल चढ़ाना और घर में सुगंधित धूप-दीप जलाना शुभ फल प्रदान करता है।
दिशा-विवेक
- पूजा पूर्व या उत्तर दिशा में करें।
- शनिवार को पश्चिम दिशा की यात्रा कम से कम करें।
- दक्षिण दिशा की ओर शयन शुभ माना गया है।
आज का विशेष उपाय (धन प्राप्ति हेतु)
शनिवार होने से – शनि शांति एवं धन-लाभ के लिए उपाय:
घर के मुख्य द्वार के बाएँ ओर एक छोटी कटोरी में सरसों का तेल भरकर उसमें 4 लौंग डालकर दीपक जलाएँ। यह उपाय कर्ज, रुकावट और धन हानि के योग को कम करता है तथा लक्ष्मी स्थिर होने में सहायता करता है।

