पंचांग में तिथि का शास्त्रीय रहस्य।

संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)। पंचांग के पाँच अंगों में “तिथि” का स्थान सर्वप्रथम माना गया है। यह केवल समय की गणना नहीं, बल्कि चंद्र-शक्ति का वह प्रवाह है जो मन, भावना और कर्म की दिशा निर्धारित करता है।

भारतीय ज्योतिष में कहा गया है कि“तिथेस्तु श्रियमाप्नोति”
अर्थात् तिथि के ज्ञान से श्री, समृद्धि, शुभता और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

तिथि क्या है?
तिथि का निर्माण सूर्य और चंद्रमा के बीच कोणीय दूरी से होता है।
हर 12 अंश पर एक तिथि बदलती है। इससे एक पक्ष में 15 तिथियाँ और पूर्ण मास में 30 तिथियाँ होती हैं।

यह चंद्रमा की कला और मानसिक-ऊर्जात्मक परिवर्तनों का सूचक है। मन, विचार और शरीर पर चंद्र का प्रभाव तिथि के अनुसार बदलता है, इसलिए तिथि को “जीवन-ऊर्जा की लय” कहा गया है।

प्राचीन शास्त्रीय मान्यता
शास्त्र कहते हैं “तिथौ दाने तिथौ स्नाने तिथौ देवस्य पूजनम्।”
(स्कन्द पुराण)
अर्थात तिथि का विचार करके किया गया कोई भी कर्म स्नान, दान, पूजा अधिक फलदायी होता है।

तिथेस्तु श्रियमाप्नोति का गूढ़ अर्थ
तिथि का पालन करने से जीवन में “श्री” अर्थात्
शुभता
संतुलन
सम्पन्नता
मानसिक सामंजस्य उदित होता है।
तिथि मन की आंतरिक लय को नियंत्रित करती है। जब मन चंद्र-ऊर्जा के अनुकूल होता है, तो निर्णय श्रेष्ठ, कर्म सफल और वातावरण शुभ बनता है। यही “श्री” की प्राप्ति है।

तिथि का आंतरिक अर्थ (संक्षेप)
प्रत्येक तिथि एक देवता, ऊर्जा और मनोस्थिति से जुड़ी होती है
प्रथमा : आरंभ, पवित्रता
द्वितीया : स्थिरता
तृतीया : शक्ति
पंचमी : विद्या
अष्टमी : साहस
एकादशी : मन-शुद्धि
पूर्णिमा : पूर्णता
अमावस्या : आत्मचिंतन
तिथि केवल दिन नहीं यह “ऊर्जा का स्वरूप” है।

तिथि का पालन साधक का अनुशासन

  1. तिथि अनुसार पूजा या व्रत करने से ऊर्जा-संतुलन सही रहता है।
  2. तिथि के प्रतिकूल कर्म करने से मानसिक व शारीरिक थकावट बढ़ सकती है।
  3. यात्रा, खरीद, विवाह या महत्वपूर्ण कार्य तिथि देखकर करने से सफलता संभावना बढ़ जाती है।
  4. यह घर-परिवार, व्यापार और स्वास्थ्य सभी पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।

भारतीय तिथि अंग्रेज़ी डेट से अधिक महत्वपूर्ण क्यों है?
अंग्रेजी Date (Gregorian Calendar) सिर्फ समय का गणितीय विभाजन है। यह सूर्य की स्थिति को 24 घंटे में बाँटने वाली प्रणाली है। इसका मन, शरीर, प्रकृति या ऊर्जा से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं।

दूसरी ओर भारतीय तिथि समय को चंद्र-ऊर्जा और सूर्य-ऊर्जा के संयोग से मापती है। इससे यह प्रणाली व्यक्ति के मनोभाव, निर्णय क्षमता, स्वास्थ्य और कर्मफल पर सीधा असर डालती है।

तर्कपूर्ण अंतर

  1. अंग्रेज़ी डेट स्थिर है, तिथि गतिशील है
    अंग्रेज़ी तिथि हर दिन 12 बजे रात बदलती है कृत्रिम समय-सीमा। तिथि तब बदलती है जब चंद्रमा 12 अंश आगे बढ़े यानी वास्तविक खगोलीय परिवर्तन।
  2. अंग्रेज़ी डेट केवल दिन बताती है, तिथि ऊर्जा बताती है
    उदाहरण – 15 जनवरी अंग्रेज़ी में सिर्फ एक तारीख है,
    परंतु उसी दिन कौन-सी तिथि है यह बताएगा कि आज आरंभ करना अच्छा है या विराम? कौन-से कार्य शुभ हैं? कौन-सा पूजन सर्वोत्तम है?
  3. चंद्रमा शरीर और मन को प्रभावित करता है
    आयुर्वेद, योग, तंत्र, ज्योतिष सबमें चंद्र-ऊर्जा को मानते हैं।
    इसलिए भारतीय तिथि जो चंद्रमा पर आधारित है, मानसिक शांति, स्वास्थ्य, निर्णय और कर्मफल को प्रभावित करती है।
  4. ऋतु, व्रत, पर्व, ग्रह-गति सब तिथि से चलते हैं
    दीवाली, होली, एकादशी, शिवरात्रि कोई भी पर्व अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, तिथि से निर्धारित होता है। क्योंकि तिथि ही यह बताती है कि कौन-सी ब्रह्मांडीय ऊर्जा सक्रिय है।
  5. “काल-संयोग” तिथि से बनता है
    मुहूर्त, विवाह, गृह प्रवेश, निवेश, संतान-सम्बंधी कर्म इन सभी का निर्धारण तिथि, नक्षत्र और योग के संतुलन से होता है। अंग्रेज़ी डेट इस संतुलन को नहीं दर्शाती।

अंततः अंग्रेज़ी डेट केवल दिन बताती है, भारतीय तिथि दिन की दिशा बताती है। जिसे तिथि का ज्ञान है, वह सही समय पर सही कर्म करता है, निर्णयों में सफल होता है, और “श्री” समृद्धि और संतुलन का अधिकारी बनता है। इसीलिए शास्त्रों ने कहा “तिथेस्तु श्रियमाप्नोति” तिथि का ज्ञान, जीवन में श्री लाता है। “तिथि जानना ही श्रेष्ठ कर्म का सूक्ष्म विज्ञान है।”

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News