11 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 11 अप्रैल 2026, शनिवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
तिथि – नवमी रात्रि 09:28 तक, तत्पश्चात् दशमी
वार – शनिवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – श्रवण दोपहर 01:25 तक, तत्पश्चात् धनिष्ठा
योग – शुभ सुबह 09:30 तक, तत्पश्चात् शुक्ल
करण – गर सुबह 09:02 तक, फिर वणिज रात्रि 09:28 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – मकर राशि (पूरा दिन)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:05
सूर्यास्त – 06:49
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:03 से 12:47 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक (12 अप्रैल)
राहुकाल – सुबह 09:16 से 10:50 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (शनिवार होने के कारण)
व्रत-पर्व विवरण
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। शनिवार का दिन होने के कारण आज न्याय के देवता शनि देव और हनुमान जी की आराधना का विशेष महत्व है। आज नवमी तिथि होने से माँ दुर्गा की मानसिक पूजा भी कष्टों का हरण करती है। वैशाख मास की परंपरा अनुसार आज छाया दान (तेल में अपना चेहरा देखकर दान करना) अत्यंत शुभ है।
विशेष जानकारी
चन्द्रमा आज मकर राशि में रहेंगे और दोपहर 01:25 के बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं और शनिवार का दिन है, यह संयोग तकनीकी कार्यों, निर्माण कार्यों और साहस वाले कार्यों के लिए उत्तम है। आज दोपहर के बाद से पंचक भी प्रारंभ हो रहे हैं, अतः नए निर्माण या लकड़ी से जुड़े कार्यों में सावधानी रखें।

आज का राशिफल 11 अप्रैल 2026, शनिवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। पिता के सहयोग से कोई रुका हुआ काम बन सकता है। शत्रुओं से सावधान रहें।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति होगी। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
उपाय – शनि मंदिर में काले तिल अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आज स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और किसी भी विवाद से बचें। दोपहर के बाद स्थिति अनुकूल होगी। अचानक धन लाभ की संभावना है।
उपाय – भगवान गणेश को सिंदूर चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी और जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। व्यापारिक समझौतों के लिए दिन उत्तम है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – शिवलिंग पर काले तिल मिलाकर जल चढ़ाएं।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शत्रुओं पर आपकी विजय होगी लेकिन कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। पुराने रोगों में सुधार होगा। किसी को उधार देने से बचें।
उपाय – सूर्य नारायण को अर्घ्य दें और शनि चालीसा का पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए सफलता का दिन है। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
पारिवारिक सुख बढ़ेगा और घरेलू साज-सज्जा पर धन व्यय हो सकता है। माता का सहयोग मिलेगा। मानसिक शांति का अनुभव करेंगे।
उपाय – माँ लक्ष्मी की आरती करें और गरीबों को दान दें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज साहस और आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और लाल फूल अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और संचित धन में वृद्धि होगी। परिवार में कोई उत्सव जैसा माहौल रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु की पूजा करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे सोचे हुए कार्य पूरे होंगे। व्यक्तित्व में निखार आएगा। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय – शनि देव के सम्मुख सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज खर्चों पर नियंत्रण रखें और व्यर्थ की यात्रा से बचें। शाम के बाद चन्द्रमा का आपकी राशि में आना शुभ फल देगा। नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने निवेश से लाभ होगा। महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होगी। मित्रों के साथ सुखद समय बीतेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और पीला चंदन लगाएं।

