4 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 4 अप्रैल 2026, शनिवार

कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5127
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
तिथि – तृतीया दोपहर 02:45 तक, तत्पश्चात् चतुर्थी
वार – शनिवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अनुराधा दोपहर 02:18 तक, तत्पश्चात् जेष्ठा
योग – शुक्ल शाम 04:22 तक, तत्पश्चात् ब्रह्म
करण – गर दोपहर 02:45 तक, फिर वणिज रात्रि 03:12 तक
चंद्र गोचर – वृश्चिक राशि (पूरा दिन)

सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:12
सूर्यास्त – 06:45
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:03 से 12:47 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक (5 अप्रैल)
राहुकाल – सुबह 09:21 से 10:53 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (शनिवार होने के कारण)

व्रत-पर्व विवरण
आज “विकट संकष्टी चतुर्थी” का व्रत है। शनिवार और चतुर्थी का संयोग होने के कारण आज भगवान गणेश के साथ-साथ शनि देव की उपासना का विशेष फल प्राप्त होगा। संकष्टी चतुर्थी का व्रत मानसिक शांति और विघ्नों के नाश के लिए किया जाता है। आज शाम को चंद्रोदय के समय भगवान गणेश का पूजन और अर्घ्य दान कल्याणकारी रहेगा।

विशेष जानकारी
चन्द्रमा आज पूरे दिन मंगल की राशि वृश्चिक में रहेंगे। दोपहर 02:18 तक शनि का नक्षत्र अनुराधा रहेगा, उसके बाद बुध का नक्षत्र जेष्ठा प्रारंभ होगा। आज का दिन तंत्र साधना, कूटनीतिक चर्चा और गुप्त शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। जेष्ठा नक्षत्र होने के कारण दोपहर के बाद महत्वपूर्ण निर्णयों में बड़ों की सलाह अवश्य लें।

दिशा-विवेक
दक्षिण और पश्चिम दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
पूर्व दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो अदरक या तिल खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर दक्षिण अथवा पूर्व दिशा की ओर रखें।

आज का राशिफल 4 अप्रैल 2026, शनिवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। चोट या दुर्घटना के योग हैं, अतः वाहन सावधानी से चलाएं। दोपहर के बाद मानसिक तनाव में कमी आएगी। संकष्टी चतुर्थी का व्रत आपके संकटों को दूर करेगा।
उपाय – भगवान गणेश को सिंदूर और शनि देव को तेल अर्पित करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दाम्पत्य जीवन में कुछ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, शांति बनाए रखें। व्यापारिक साझेदारों के साथ पारदर्शिता रखें। शाम के समय किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें और गणेश जी को मोदक चढ़ाएं।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
शत्रुओं पर आपकी विजय निश्चित है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। पुराने रोगों में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। एकाग्रता में कमी आ सकती है। प्रेम संबंधों में छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचें। संतान की ओर से चिंता रह सकती है।
उपाय – शिवलिंग पर काले तिल मिलाकर जल अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर धन खर्च होगा। माता के स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहें। कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। अपनी योजनाओं को किसी से साझा न करें।
उपाय – सूर्य नारायण को अर्घ्य दें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप जलाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। आज आप अपनी कार्यशैली से विरोधियों को भी प्रभावित करेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और शनि चालीसा का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आर्थिक लाभ के योग हैं, लेकिन वाणी पर नियंत्रण रखें। परिवार के सदस्यों के साथ विवाद हो सकता है। संचित धन का उपयोग सोच-समझकर करें। निवेश के लिए दिन सामान्य है।
उपाय – माँ लक्ष्मी की आरती करें और शनिवार के दिन काली उड़द का दान करें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में हैं, जिससे आप ऊर्जावान महसूस करेंगे, किंतु क्रोध पर नियंत्रण रखें। व्यापार में नए अनुबंध मिल सकते हैं। शाम का समय परिवार के साथ सुखद बीतेगा।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और सुंदरकांड का पाठ करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज खर्चों की अधिकता रहेगी, जिससे मानसिक तनाव हो सकता है। व्यर्थ की भागदौड़ से बचें। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु की पूजा करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और गणेश जी की आरती करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। पिता के मार्गदर्शन से लाभ होगा। शासन-सत्ता का सहयोग प्राप्त होगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – पक्षियों को सप्तधान्य खिलाएं और ‘संकट नाशन गणेश स्तोत्र’ का पाठ करें।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य का पूर्ण साथ मिलेगा। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की यात्रा सुखद और लाभदायक रहेगी। समाज के प्रभावशाली लोगों से संपर्क होगा।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

Samvad 24 Office
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