1 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 1 अप्रैल 2026, बुधवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5127
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – चैत्र
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्दशी रात्रि 08:35 तक, तत्पश्चात् पूर्णिमा
वार – बुधवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – चित्रा शाम 06:44 तक, तत्पश्चात् स्वाति
योग – हर्षण सुबह 05:27 तक, फिर वज्र रात्रि 01:21 तक (2 अप्रैल), तत्पश्चात् सिद्धि
करण – गर दोपहर 10:06 तक, फिर वणिज रात्रि 08:35 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा)
चंद्र गोचर – कन्या राशि में सुबह 07:44 तक, तत्पश्चात् तुला राशि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:15
सूर्यास्त – 06:42
अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं (बुधवार होने के कारण)
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक (2 अप्रैल)
राहुकाल – दोपहर 12:29 से 01:58 तक
दिशाशूल – उत्तर दिशा में (बुधवार होने के कारण)
व्रत-पर्व विवरण
आज “चैत्र शुक्ल चतुर्दशी” है। आज “हनुमान जयंती पूर्व संध्या” और “दमनक चतुर्दशी” का पर्व है। भगवान शिव और माता पार्वती की दमनक पुष्पों से पूजा का आज विशेष विधान है। आज रात्रि से पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ हो जाएगा, जो कल के महान उत्सव ‘हनुमान जयंती’ की पूर्व तैयारी का समय है। आज के दिन सत्यनारायण व्रत की कथा सुनना भी कल्याणकारी रहता है।
विशेष जानकारी
चन्द्रमा आज सुबह 07:44 पर शुक्र की राशि तुला में प्रवेश करेंगे। शाम 06:44 तक मंगल का नक्षत्र चित्रा रहेगा, उसके बाद राहू का नक्षत्र स्वाति प्रारंभ होगा। आज का दिन व्यापारिक समझौतों, विलासिता की वस्तुओं के क्रय और सार्वजनिक संबंधों को मजबूत करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। वज्र योग होने के कारण महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय सावधानी बरतें।
दिशा-विवेक
पूर्व और दक्षिण दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
उत्तर दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो धनिया या तिल खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर रखें।

आज का राशिफल 1 अप्रैल 2026, बुधवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी। दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे। शाम के समय किसी सुखद यात्रा के योग बन रहे हैं।
उपाय – भगवान गणेश को सिंदूर चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। ननिहाल पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
उपाय – शिवलिंग पर जल और सफेद चंदन अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। संतान की उन्नति से मन हर्षित रहेगा। रचनात्मक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। अचानक धन लाभ की संभावना बनी हुई है।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ का जाप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
पारिवारिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी। माता का स्नेह प्राप्त होगा। भूमि-भवन से जुड़े मामले आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं। मन में शांति और संतोष बना रहेगा।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें और दूध का दान करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
साहस और पराक्रम बढ़ा रहेगा। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। आज आप अपनी कार्यशैली से दूसरों को प्रभावित करेंगे।
उपाय – सूर्य नारायण को अर्घ्य दें और लाल फूल चढ़ाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वाणी में मधुरता रहेगी जिससे रुके हुए कार्य पूरे होंगे। परिवार के साथ उत्तम भोजन और सुखद समय व्यतीत होगा। निवेश के लिए दिन शुभ है।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और गाय को हरी घास खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यक्तित्व में निखार आएगा। सोचे हुए कार्य समय पर पूरे होंगे। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – माँ लक्ष्मी की आरती करें और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज खर्चों की अधिकता रह सकती है। व्यर्थ के विवादों से बचें। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा। बाहरी संपर्कों से व्यापार में प्रगति के अवसर मिलेंगे।
उपाय – हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने मित्रों से भेंट लाभदायक रहेगी। व्यापार में अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। बड़े भाई-बहनों का मार्गदर्शन उन्नति दिलाएगा।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नई जिम्मेदारी या पदोन्नति की संभावना प्रबल है। पिता के सहयोग से जटिल समस्याएं हल होंगी। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय – शनि मंदिर में दीप जलाएं और ‘सिद्ध कुंजिका स्तोत्र’ का पाठ करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
भाग्य का पूर्ण साथ मिलेगा। आध्यात्मिक यात्रा और धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। समाज के प्रभावशाली लोगों से संपर्क होगा। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है।
उपाय – पक्षियों को सप्तधान्य खिलाएं और देवी कवच का पाठ करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। दोपहर के बाद स्थिति अनुकूल होगी। अचानक धन लाभ के योग बने हुए हैं। अपनी योजनाओं को गुप्त रखकर कार्य करें, सफलता मिलेगी।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और पीला चंदन लगाएं।

