22 फरवरी 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 22 फरवरी 2026, रविवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – फाल्गुन
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पंचमी सुबह 11:09 तक, तत्पश्चात् षष्ठी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अश्विनी शाम 05:54 तक, तत्पश्चात् भरणी
योग – शुक्ल दोपहर 01:09 तक, तत्पश्चात् ब्रह्म
करण – बालव सुबह 11:09 तक, फिर कौलव रात्रि 10:10 तक, फिर तैतिल
चंद्र गोचर – मेष राशि (पूरा दिन)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:53
सूर्यास्त – 06:16
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:12 से 12:58 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:09 से 01:02 तक (23 फरवरी)
राहुकाल – शाम 04:51 से 06:16 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (रविवार होने के कारण)
पंचक – नहीं है (रात्रि 10:04 पर कल समाप्त हो चुके हैं)
व्रत-पर्व विवरण
आज फाल्गुन शुक्ल पंचमी/षष्ठी है। आज “स्कन्द षष्ठी” का पर्व मनाया जाएगा, जो भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) को समर्पित है। रविवार और अश्विनी नक्षत्र का संयोग “रवि योग” का निर्माण करता है (शाम 05:54 के बाद), जो कार्यों में सफलता और आरोग्यता के लिए श्रेष्ठ है। आज ही सऊदी अरब का “स्थापना दिवस” (Founding Day) भी है।
विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा पूरे दिन अपने मित्र मंगल की राशि मेष और केतु के नक्षत्र अश्विनी में रहेंगे। अश्विनी नक्षत्र शाम 05:54 तक होने के कारण यह समय यात्रा, नई औषधि शुरू करने और वाहन खरीदने के लिए शुभ है। आज से शिशिर ऋतु की विदाई और वसंत ऋतु का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखने लगेगा। पंचक समाप्त हो चुके हैं, अतः सभी प्रकार के मांगलिक कार्य निर्विघ्न किए जा सकते हैं।
दिशा-विवेक
पूर्व और उत्तर दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
पश्चिम दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो दलिया या घी खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर रखें।

,आज का राशिफल 22 फरवरी 2026, रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। आज आप ऊर्जा और उत्साह से भरे रहेंगे। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं।
उपाय – सूर्य नारायण को अर्घ्य दें और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज चन्द्रमा का द्वादश गोचर खर्चों में वृद्धि करा सकता है। व्यर्थ की भागदौड़ से थकान महसूस होगी। हालांकि, विदेशी कार्यों या दूर स्थान के व्यापार से लाभ की संभावना है। संयम से काम लें।
उपाय – रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने निवेश से बड़ा लाभ मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाइयों का सहयोग आपके कार्य को आसान बना देगा। संतान की ओर से सुखद समाचार प्राप्त होगा।
उपाय – भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति बहुत मजबूत रहेगी। नई जिम्मेदारी मिल सकती है जो आपके भविष्य के लिए लाभदायक होगी। पिता का सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। सरकारी लाभ के योग हैं।
उपाय – गायत्री मंत्र का 21 बार जाप करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य का पूर्ण साथ मिलेगा। आज आपकी धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। उच्च शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों के लिए दिन उपलब्धियों वाला रहेगा।
उपाय – सूर्य देव को जल में लाल चंदन मिलाकर अर्घ्य दें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। चन्द्रमा का अष्टम गोचर गुप्त शत्रुओं से परेशानी दे सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं। आध्यात्मिक साधना में समय बिताना शांति प्रदान करेगा।
उपाय – “हनुमान अष्टक” का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। व्यापार में नई साझेदारी के लिए दिन उत्तम है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और रुके हुए काम पूरे होंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा।
उपाय – लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। मामा पक्ष से सहयोग मिलेगा।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
विद्यार्थियों के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। संतान की उन्नति से मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
घरेलू सुख-साधनों में वृद्धि होगी। भूमि या वाहन खरीदने का विचार बन सकता है। माता का पूर्ण स्नेह और सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में थोड़ा दबाव रह सकता है, धैर्य रखें।
उपाय – शनि देव के ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग आपके कार्य को गति प्रदान करेगा। छोटी यात्रा लाभदायक रहेगी। संचार और लेखन के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। संचित धन में वृद्धि के योग हैं। परिवार के साथ सामंजस्य बढ़ेगा और कोई मांगलिक चर्चा हो सकती है। आपकी वाणी का प्रभाव दूसरों पर अच्छा पड़ेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।

