12 फरवरी 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 12 फरवरी 2026, गुरुवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – फाल्गुन
पक्ष – कृष्ण
तिथि – दशमी सुबह 12:18 तक, तत्पश्चात् एकादशी
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – ज्येष्ठा सुबह 11:49 तक, तत्पश्चात् मूल
योग – व्याघात रात्रि 01:21 तक, तत्पश्चात् हर्षण
करण – बव सुबह 08:18 तक, तत्पश्चात् बालव रात्रि 09:47 तक, फिर कौलव
चंद्र गोचर – वृश्चिक राशि में सुबह 11:49 तक, तत्पश्चात् धनु राशि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 07:02
सूर्यास्त – 06:05
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:12 से 12:55 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:09 से 01:02 तक (13 फरवरी)
राहुकाल – दोपहर 01:53 से 03:17 तक
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में (गुरुवार होने के कारण)
मूल – पूरा दिन
पंचक – नहीं है
भद्रा – नहीं है
व्रत-पर्व विवरण
आज फाल्गुन कृष्ण एकादशी है। इसे “विजया एकादशी” के नाम से जाना जाता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से कठिन से कठिन परिस्थितियों में विजय प्राप्त होती है। गुरुवार और एकादशी का संयोग इसे और भी फलदायी बनाता है।
विशेष जानकारी
आज सुबह 11:49 तक चन्द्रमा वृश्चिक राशि (नीच राशि) में रहेंगे, उसके बाद गुरु की राशि धनु में प्रवेश करेंगे। सुबह 11:49 तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा। आज पूरा दिन गंडमूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, अतः मानसिक चंचलता से बचें। दोपहर के बाद का समय धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है।
दिशा-विवेक
उत्तर और पूर्व दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
दक्षिण दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो दही या जीरा खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर रखें।

आज का राशिफल 12 फरवरी 2026, गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दोपहर के बाद चन्द्रमा के नवम भाव में जाने से भाग्य का साथ मिलेगा। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
व्यापारिक साझेदारी में दोपहर तक सावधानी बरतें। दोपहर के बाद मन थोड़ा अशांत रह सकता है। अज्ञात भय और खर्चों की अधिकता परेशान कर सकती है। वाहन सावधानी से चलाएं और धैर्य बनाए रखें।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आज आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। दोपहर के बाद दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। व्यापार में नए अनुबंध हो सकते हैं। सामाजिक जीवन में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – विष्णु चालीसा का पाठ करें और चने की दाल का दान करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों के लिए सुबह का समय अच्छा है। दोपहर के बाद कार्यक्षेत्र में मेहनत बढ़ेगी। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, विशेषकर खान-पान का ध्यान रखें।
उपाय – शिवलिंग पर चने की दाल और जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
सुबह तक पारिवारिक चिंता रह सकती है। दोपहर के बाद चन्द्रमा का पंचम गोचर बौद्धिक कार्यों में सफलता दिलाएगा। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
उपाय – सूर्य देव को अर्घ्य दें और पीला फल दान करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पराक्रम में वृद्धि होगी। दोपहर के बाद घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ेगा। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में स्थिति आपके पक्ष में रहेगी। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में प्रगति होगी।
उपाय – गणेश जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आर्थिक लाभ के योग हैं। दोपहर के बाद भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। आपकी कार्यकुशलता की सराहना होगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
उपाय – लक्ष्मी जी की आरती करें और पीला चंदन चढ़ाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी राशि में रहेंगे, भावुकता से बचें। दोपहर के बाद धन लाभ के प्रबल योग हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। आपकी वाणी का प्रभाव दूसरों पर सकारात्मक पड़ेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दोपहर तक खर्चों की अधिकता रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में आएंगे, जिससे मानसिक स्पष्टता और ऊर्जा महसूस होगी। रुके हुए काम बनेंगे। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – केले के वृक्ष की पूजा करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के स्रोत सुबह तक अच्छे रहेंगे। दोपहर के बाद व्यर्थ की भागदौड़ और खर्च बढ़ सकते हैं। किसी भी बड़े निवेश से पहले बड़ों की सलाह अवश्य लें। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगाएं।
उपाय – शनि देव के मंत्रों का जाप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्यक्षेत्र में दोपहर तक व्यस्तता रहेगी। दोपहर के बाद लाभ की स्थिति मजबूत होगी। आय के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा और संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य का साथ सुबह तक रहेगा। दोपहर के बाद कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पिता का सहयोग और मार्गदर्शन आपके व्यापार में लाभ दिलाएगा। मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – “विष्णु सहस्त्रनाम” का पाठ करें।

