8 जनवरी 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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वैदिक पंचांग
संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री।
अंग्रेजी दिनांक – 08 जनवरी 2026, गुरुवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – माघ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी अगले दिन प्रातः 03:12 तक, तत्पश्चात् सप्तमी
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वा फाल्गुनी सुबह 11:39 तक, तत्पश्चात् उत्तरा फाल्गुनी
योग – शोभन दोपहर 02:46 तक, तत्पश्चात् अतिगण्ड
करण – तैतिल शाम 03:52 तक, तत्पश्चात् गर
चंद्र गोचर – सिंह राशि में (शाम 05:59 तक), तत्पश्चात् कन्या राशि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 07:19
सूर्यास्त – 05:46
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:10 से 12:53 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:11 से 01:05 तक (9 जनवरी)
राहुकाल – दोपहर 01:50 से 03:09 तक
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में (गुरुवार होने के कारण)
पंचक – नहीं है
भद्रा – नहीं है
सर्वार्थसिद्धि योग – नहीं है
व्रत-पर्व विवरण
आज माघ कृष्ण षष्ठी है। गुरुवार का दिन होने के कारण आज भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की साधना का विशेष महत्व है।
विशेष जानकारी
आज चंद्रमा शाम 05:59 तक सिंह राशि में रहेंगे, उसके बाद बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। दोपहर 11:39 के बाद उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो स्थिर कार्यों और नई योजनाओं की नींव रखने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
दिशा-विवेक
उत्तर और पूर्व दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
दक्षिण दिशा में यात्रा से पहले दही या जीरा खाकर निकलें।
सोते समय सिर पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर रखें।
आज का विशेष उपाय (भाग्य वृद्धि और गुरु कृपा हेतु)
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पीले पुष्प और चने की दाल का भोग लगाएं। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें। माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है और भाग्य में वृद्धि होती है।

आज का राशिफल 8 जनवरी 2026, गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज बौद्धिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। शाम के बाद चंद्रमा के राशि परिवर्तन से स्वास्थ्य में सुधार होगा और रुके हुए कार्यों में गति आएगी। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएँ।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। घर की सुख-सुविधाओं पर खर्च हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। शाम के बाद रचनात्मक कार्यों में आपकी प्रतिभा निखरेगी और धन लाभ होगा।
उपाय – किसी मंदिर में चने की दाल का दान करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आज आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। शाम के बाद घर में सुख-शांति का वातावरण बनेगा। संपत्ति के विवाद हल हो सकते हैं।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आर्थिक निवेश के लिए दिन उत्तम है। आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे। संचित धन में वृद्धि होगी। शाम के बाद आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और किसी महत्वपूर्ण सूचना की प्राप्ति हो सकती है।
उपाय – शिवलिंग पर चने की दाल और जल चढ़ाएँ।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शाम तक चंद्रमा आपकी राशि में रहेंगे, जिससे आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। शाम के बाद आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। परिजनों के साथ सामंजस्य बना रहेगा।
उपाय – सूर्य देव को अर्घ्य दें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दोपहर तक खर्चों की अधिकता रह सकती है। व्यर्थ की भागदौड़ से बचें। शाम के बाद चंद्रमा का आपकी राशि में आना व्यक्तित्व में निखार लाएगा। मानसिक शांति मिलेगी और व्यापार में लाभ के योग बनेंगे।
उपाय – गाय को गुड़ और चना खिलाएँ।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आय के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। पुराने मित्रों से मुलाकात सुखद रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को समर्थन मिलेगा। शाम के बाद थोड़ा स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खर्चों पर नियंत्रण रखें।
उपाय – लक्ष्मी जी की आरती करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
करियर में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। उच्च अधिकारियों का आशीर्वाद मिलेगा। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शाम के बाद व्यापार में कोई बड़ा लाभ हो सकता है। संतान सुख प्राप्त होगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य का साथ मिलने से रुके हुए काम पूरे होंगे। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। शाम के बाद कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता बढ़ेगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
उपाय – माथे पर केसर का तिलक लगाएँ।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक थोड़ा संयम रखें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाद-विवाद से दूर रहें। शाम के बाद भाग्य चमक उठेगा और किसी बड़ी समस्या का समाधान निकलेगा। तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापारिक साझेदारी से लाभ होगा। नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा। शाम के बाद वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उपाय – जरूरतमंदों को पीले फल दान करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
शत्रुओं पर आपकी जीत होगी। पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी। नौकरी में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। शाम के बाद जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा और व्यापार में नई गति आएगी।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में घी का दीपक जलाएं।


