इंदौर में ‘जहर’ पीने को मजबूर लोग, मौतों पर सरकार मौन; राहुल गांधी ने भाजपा पर साधा निशाना
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संवाद 24 इंदौर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में लोगों को पानी के नाम पर जहर बांटा गया, जबकि प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोता रहा। राहुल गांधी ने कहा कि इस पूरे मामले में गरीबों की जान गई, घर-घर मातम पसरा है, लेकिन सरकार की संवेदनहीनता और अहंकार साफ नजर आ रहा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि इंदौर में लोगों की बार-बार शिकायतों के बावजूद गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति जारी रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नागरिक लगातार चेतावनी दे रहे थे, तब प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। सीवर का पानी पीने के पानी में कैसे मिला, आपूर्ति तुरंत बंद क्यों नहीं की गई और जिम्मेदार अफसरों व नेताओं पर कार्रवाई कब होगी—ये सभी सवाल जवाबदेही से जुड़े हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं, बल्कि हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है, जहां कभी खांसी की सिरप से मौतें होती हैं, कभी सरकारी अस्पतालों में लापरवाही से बच्चों की जान जाती है और अब सीवर मिला पानी पीकर लोगों की मौतें हो रही हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब-जब गरीबों की जान जाती है, तब वे हमेशा की तरह खामोश रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घरों में चूल्हा बुझ गया है, उन्हें सांत्वना की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने संवेदना के बजाय घमंड दिखाया।
उधर, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में 10 लोगों की मौत की सूचना है। वहीं स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इस घटना में छह माह के बच्चे समेत 14 लोगों की जान गई है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।






