इंडिगो संकट पर DGCA रिपोर्ट में देरी : जांच पूरी नहीं, अब 26 दिसंबर तक सौंपेगी समिति
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संवाद 24 नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस से जुड़े परिचालन संकट की जांच को लेकर नागरिक उड्डयन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की रिपोर्ट तय समय पर जारी नहीं हो सकी है। सूत्रों के अनुसार, 5 दिसंबर को गठित चार सदस्यीय जांच समिति अब अपनी रिपोर्ट 26 दिसंबर को सौंपेगी। पहले यह रिपोर्ट 20 दिसंबर तक देने की समयसीमा तय थी।
जांच समिति का नेतृत्व DGCA के संयुक्त महानिदेशक संजय कुमार कर रहे हैं। समिति को इंडिगो की उड़ानों के बड़े पैमाने पर ग्राउंड होने के कारणों की पड़ताल का जिम्मा सौंपा गया है। हालांकि, नियामक की ओर से समयसीमा बढ़ाए जाने की कोई औपचारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है।
क्या जांच रही है एजेंडे में
समिति को यह स्पष्ट करना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में IndiGo की बड़ी संख्या में उड़ानें क्यों प्रभावित हुईं। जांच के दायरे में नए लागू किए गए एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियम, पायलटों की उपलब्धता, रोस्टर में गड़बड़ी और अन्य परिचालन कारण शामिल हैं।
एयरलाइन का पक्ष
इंडिगो का कहना है कि उसने अस्थायी तौर पर लगभग 10 प्रतिशत क्षमता में कटौती की है और इसके बाद परिचालन सामान्य स्थिति में लौट आया है। एयरलाइन के अनुसार, वह वर्तमान में अपने सभी 138 गंतव्यों के लिए सेवाएं दे रही है।
उपभोक्ता शिकायतें बढ़ीं
इस बीच, उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय ने बताया है कि इंडिगो की उड़ानों के रद्द होने, रिफंड और मुआवजे से जुड़ी करीब 100 शिकायतें दर्ज हुई हैं। मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने कहा कि ये शिकायतें नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुईं और आगे की कार्रवाई के लिए सरकार के एयर ट्रैवल शिकायत निवारण मंच ‘एयर सेवा’ को भेज दी गई हैं।
फिलहाल, DGCA की रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उड़ानों में व्यवधान के लिए किन कारकों को जिम्मेदार ठहराया गया है और आगे क्या नियामकीय कदम उठाए जाएंगे।






