केंद्र ने तीन नई एयरलाइनों को दी मंजूरी, भारतीय एविएशन में बढ़ेगा मुकाबला
Share your love

शंख एयर, अलहिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस को मिला NOC, यात्रियों को मिलेंगे ज्यादा विकल्प
संवाद 24 भारतीय विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने तीन नई एयरलाइनों—शंख एयर, अलहिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस—को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से एविएशन सेक्टर में एक-दो बड़ी कंपनियों की पकड़ कमजोर होगी और यात्रियों को बेहतर सेवाओं के साथ अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब हाल के दिनों में कुछ बड़ी एयरलाइनों के संचालन को लेकर सवाल खड़े हुए थे। सरकार का मानना है कि यदि बाजार में अधिक खिलाड़ी होंगे, तो न केवल सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि टिकट दरों पर भी प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बना रहेगा।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार भारतीय आसमान में नई एयरलाइनों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधिक एयरलाइनों के आने से देश की एयर कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती यात्रा का लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों की राय: यात्रियों को होगा सीधा फायदा
एविएशन सेक्टर के जानकारों का कहना है कि इन नई एयरलाइनों के प्रवेश से उद्योग में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा शुरू होगी। हालांकि, उनके सामने असली चुनौती अब शुरू होती है—पूंजी जुटाना, विमान बेड़ा तैयार करना, प्रशिक्षित पायलट और स्टाफ की नियुक्ति तथा मजबूत रूट नेटवर्क विकसित करना। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ये एयरलाइंस अपने बिजनेस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर पाती हैं, तो इसका सीधा लाभ आम यात्रियों को मिलेगा।
NOC के बाद भी लंबी प्रक्रिया बाकी
सरकार द्वारा NOC दिए जाने के बाद अब इन कंपनियों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) लेना होगा। इसके साथ ही विमान खरीद या लीज पर लेना, मेंटेनेंस सिस्टम तैयार करना, पायलट और ग्राउंड स्टाफ की नियुक्ति जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। यह प्रक्रिया कई महीनों तक चल सकती है, जिसके बाद ही एयरलाइनों की व्यावसायिक उड़ानें शुरू होंगी।
क्यों अहम है यह फैसला
भारत का घरेलू एविएशन बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में गिना जाता है। सरकार का मानना है कि अधिक एयरलाइनों के संचालन से उड़ानों और सीटों की संख्या बढ़ेगी, जिससे देश के दूर-दराज के इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यही कारण है कि सरकार नए खिलाड़ियों को मौका देकर बाजार में संतुलन बनाना चाहती है।
तीनों नई एयरलाइनों की रूपरेखा
शंख एयर: उत्तर प्रदेश आधारित यह एयरलाइन फुल-सर्विस मॉडल पर काम करेगी। कंपनी का लक्ष्य बड़े शहरों और प्रमुख राज्यों को आपस में जोड़ना है। योजना के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में उड़ानें शुरू करने और अगले 2–3 वर्षों में 20 से 25 विमानों का बेड़ा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
अलहिंद एयर: केरल के अलहिंद ग्रुप से जुड़ी यह एयरलाइन रीजनल और लो-कॉस्ट कनेक्टिविटी पर फोकस करेगी। छोटे विमानों के जरिए टियर-2 और टियर-3 शहरों को जोड़ना इसका मुख्य उद्देश्य होगा।
फ्लाई एक्सप्रेस: यह एयरलाइन पैसेंजर उड़ानों के साथ-साथ कार्गो और लॉजिस्टिक्स सेवाओं पर भी ध्यान देगी। घरेलू एयर-कार्गो की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी इस क्षेत्र को अपने लिए स्थिर आय का जरिया मान रही है।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह कदम भारतीय विमानन क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है, जहां प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ यात्रियों के हितों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।






