महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महायुति का दबदबा, NDA को 214 सीटों पर बढ़त
Share your love

भाजपा बनी सबसे बड़ी ताकत, उद्धव गुट सिमटा; एक वार्ड में बीजेपी प्रत्याशी एक वोट से हारा
संवाद 24 मुंबई। महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति (NDA) ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए स्पष्ट जीत दर्ज की है। रविवार को घोषित परिणामों के अनुसार 288 सीटों—जिसमें 246 नगर परिषदें और 42 नगर पंचायतें शामिल हैं—में से महायुति को 214 सीटों पर सफलता मिली है। कुछ स्थानों पर मतगणना जारी है, जबकि अंतिम परिणाम शीघ्र घोषित किए जाने हैं।
गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। भाजपा ने 120 सीटें जीतीं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी को 37 सीटें मिली हैं। इसके मुकाबले विपक्षी महाविकास अघाड़ी का प्रदर्शन कमजोर रहा और उसे कुल 51 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस को 31 सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और शरद पवार गुट की एनसीपी दोनों 10-10 सीटों पर सिमट गईं। इसके अतिरिक्त 22 सीटें स्थानीय मोर्चों और निर्दलीय समूहों के खाते में गईं, जिन्होंने स्थानिक अघाड़ी के रूप में चुनाव लड़ा था।
चुनाव में एक रोचक मुकाबला गढ़चिरौली के वार्ड नंबर 4 में देखने को मिला, जहां भाजपा प्रत्याशी संजय मंडवगड़े मात्र एक वोट से हार गए। अंतिम गणना में उन्हें 716 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार श्रीकांत देशमुख को 717 वोट प्राप्त हुए।
इन निकाय चुनावों के लिए राज्य में दो चरणों में मतदान कराया गया था। पहले चरण में 2 दिसंबर को 263 निकायों में वोटिंग हुई, जबकि शेष 23 नगर परिषदों और कुछ रिक्त पदों के लिए 20 दिसंबर को मतदान कराया गया। धुले की डोंडाइचा नगर परिषद, सोलापुर की उंगर नगर पंचायत और जलगांव जिले की जामनेर नगर परिषद में अध्यक्ष और सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हुआ, जहां भाजपा ने बिना मुकाबले जीत दर्ज की।
महायुति की जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार परिणाम 2017 के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत रहे हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा ने 129 नगरपालिकाओं में जीत दर्ज की है, जो कुल का लगभग 45 प्रतिशत है। महायुति के रूप में 215 नगरपालिकाओं में विजय मिली है। फडणवीस के अनुसार, 2017 में भाजपा के 1602 पार्षद थे, जो अब बढ़कर 3325 हो गए हैं। कुल 6952 पार्षदों में से 4331 महायुति से चुने गए हैं।
वहीं, शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नतीजों में वही आंकड़े सामने आए हैं, जो विधानसभा चुनावों में दिखे थे। राउत ने चुनाव में बड़े पैमाने पर धन के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि इस बार “पैसों की बारिश” हुई है और सत्तारूढ़ दलों के बीच ही असली मुकाबला देखने को मिला।
इधर, अजित पवार गुट की एनसीपी को बारामती में बड़ी सफलता मिली है। पार्टी के सिटी अध्यक्ष जय पाटिल ने नगर परिषद चुनाव में लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी को मात्र 200 वोट ही मिल सके। जय पाटिल इससे पहले नगर परिषद में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
निकाय चुनावों के ये नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन की मजबूत स्थिति और विपक्ष की चुनौतियों को साफ तौर पर दर्शाते हैं।






