सीमा पर साजिश! बॉर्डर एरिया में ‘गुप्त चर्च’ का भंडाफोड़, जर्मन दंपति समेत 6 हिरासत में — धर्मांतरण के पीछे विदेशी फंडिंग का शक
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संवाद 24 विशेष रिपोर्ट। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से एक चौंकाने वाला और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है। भारत–पाक सीमा से सटे श्रीकरणपुर कस्बे में एक किराए के मकान में गुपचुप तरीके से अवैध चर्च चलाए जाने और धर्मांतरण की कोशिश का खुलासा हुआ है। इस मामले में जर्मनी के एक दंपति सहित कुल छह लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि विदेशी फंडिंग और साजिशन गतिविधियों की आशंका ने खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
गुरुद्वारे के पास ‘गुप्त चर्च’, इलाके में मचा हड़कंप
श्रीकरणपुर के वार्ड नंबर 22, लक्कड़ मंडी इलाके में श्री गुरुनानक दरबार गुरुद्वारे के पास स्थित एक नवनिर्मित मकान में बिना किसी अनुमति के चर्च जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। स्थानीय लोगों को भनक तक नहीं लगी कि मकान के भीतर क्या चल रहा है। बताया जा रहा है कि यहां गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को आर्थिक सहायता और अन्य प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था।
विदेशी नागरिकों की मौजूदगी से बढ़ी गंभीरता
हिरासत में लिए गए लोगों में जर्मन नागरिक स्वैन बॉज बेट जलेर और उनकी पत्नी संदरा शामिल हैं। इनके अलावा कर्नाटक, केरल और पंजाब से जुड़े चार अन्य लोग भी पकड़े गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि संवेदनशील बॉर्डर एरिया में विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी के बावजूद ये लोग यहां सक्रिय थे, जिससे मामला केवल धर्मांतरण तक सीमित नहीं रह गया।
रात में हंगामा, सड़कों पर उतरे संगठन
सूचना मिलते ही हिंदू और सिख संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। देर रात तक थाने और मकान के बाहर भारी भीड़ जुटी रही, हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। सीओ स्तर के अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए लोगों को शांत कराया और हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ शुरू की।
खुफिया एजेंसियां सक्रिय, विदेशी फंडिंग की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया विभाग और अन्य एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह आशंका जताई जा रही है कि एनजीओ और विदेशी फंडिंग के जरिए सीमावर्ती इलाकों में नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल भविष्य में भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
बॉर्डर जिलों में बढ़ते मामले, सवालों के घेरे में सिस्टम
धर्मांतरण विरोधी कानून लागू होने के बावजूद पिछले तीन महीनों में श्रीगंगानगर जिले के बॉर्डर इलाकों से चार मामले सामने आ चुके हैं। बार-बार ऐसे खुलासे होने से प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गरीब बने निशाना, सुरक्षा पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी और मजबूरी को हथियार बनाकर धर्म परिवर्तन कराना केवल धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि सीधा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा खतरा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। Samvad24 इस मामले पर नजर बनाए हुए है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।






