रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: ‘सुदर्शन चक्र’ से अभेद्य होगी भारत की हवाई सुरक्षा

Share your love

ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों से सीख लेकर भविष्य की चुनौतियों के लिए सजग रहे वायुसेना

संवाद 24 डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत का स्वदेशी मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम ‘सुदर्शन चक्र’ आने वाले समय में देश की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। उन्होंने भारतीय वायुसेना से आह्वान किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिले रणनीतिक और ऑपरेशनल अनुभवों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एयर फोर्स कमांडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय वायुसेना आज न सिर्फ तकनीकी रूप से सक्षम है, बल्कि रणनीतिक सोच और त्वरित निर्णय क्षमता में भी मजबूत बन चुकी है।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह समेत वायुसेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

जनता का भरोसा बना सबसे बड़ी ताकत

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, तब आम नागरिकों में कोई घबराहट नहीं दिखी। लोगों का सामान्य जीवन जारी रहना इस बात का प्रमाण है कि देशवासियों का अपनी सेनाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर अटूट भरोसा है।

उन्होंने कहा कि जनता का यह संयम और विश्वास, भारत की सैन्य तैयारी और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतिबिंब है।

आधुनिक युद्ध में एयर पावर निर्णायक हथियार

रक्षा मंत्री ने कहा कि हाल के वैश्विक संघर्षों—चाहे रूस-यूक्रेन युद्ध हो, इजराइल-हमास टकराव या फिर बालाकोट एयर स्ट्राइक—सभी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आज के युद्धों में एयर पावर सिर्फ सामरिक नहीं, बल्कि रणनीतिक हथियार बन चुकी है

उन्होंने कहा कि वायुसेना की ताकत उसकी गति, सटीकता और अचानक प्रभाव डालने की क्षमता में है, जो सैन्य ही नहीं बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी स्पष्ट संदेश देती है।

‘सुदर्शन चक्र’ से बनेगा लेयर्ड एयर डिफेंस शील्ड

राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित ‘सुदर्शन चक्र’ को तेजी से विकसित किया जा रहा है। यह सिस्टम सेंसर, आधुनिक हथियार प्लेटफॉर्म और कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क को एकीकृत कर भारत की लेयर्ड एयर डिफेंस क्षमता को कई गुना मजबूत करेगा।

इसका उद्देश्य हवाई खतरों की पहचान, ट्रैकिंग और न्यूट्रलाइजेशन को रियल टाइम में संभव बनाना है।

तकनीक, ड्रोन और साइबर युद्ध पर विशेष जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं लड़े जाएंगे। साइबर वारफेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सैटेलाइट सर्विलांस और स्पेस टेक्नोलॉजी अब युद्ध की नई धुरी बन चुकी हैं। ऐसे में नवाचार और स्वदेशी तकनीक को प्राथमिकता देना समय की जरूरत है।

संयुक्त सैन्य संचालन ही भविष्य की कुंजी

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि थल, जल और वायु सेनाओं का समन्वित संचालन भारत की सबसे बड़ी ताकत है। भविष्य में किसी भी खतरे से निपटने के लिए सेनाओं के बीच तालमेल और अधिक मजबूत करना होगा।

दिल्ली के लिए ‘कैपिटल डोम’ सुरक्षा घेरा

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से दागी गई मिसाइलों को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हवा में ही नष्ट कर दिया गया था। इसके बाद राजधानी दिल्ली के लिए विशेष सुरक्षा कवच ‘कैपिटल डोम’ तैयार करने पर काम शुरू किया गया।

डीआरडीओ की अगुवाई में विकसित किए जा रहे इस सिस्टम के तहत दिल्ली के चारों ओर तीन स्तरों का सुरक्षा घेरा होगा, जो ‘सुदर्शन चक्र’ का अहम हिस्सा माना जा रहा है। यह सिस्टम लगभग तैयार अवस्था में है।

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News