भारी हंगामे के बीच संसद से पारित हुआ VB–G RAM G विधेयक
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विपक्ष का तीखा विरोध, कागज फाड़े गए; शिवराज बोले– गांधी नाम चुनावी रणनीति था
संवाद 24। ग्रामीण रोजगार व्यवस्था से जुड़े VB–G RAM G विधेयक को संसद ने आखिरकार मंजूरी दे दी। लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में तीखी बहस, नारेबाजी और विरोध के बीच यह बिल ध्वनि मत से पारित किया गया। विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर जोरदार हंगामा किया, वेल में पहुंचकर कागजात फाड़े और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि रोजगार गारंटी कानून के साथ महात्मा गांधी का नाम बाद में जोड़ा गया था और इसका उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह योजना केवल ‘नरेगा’ थी, लेकिन 2009 के चुनावी दौर में गांधी नाम जोड़कर इसे राजनीतिक रंग दिया गया।
संसद परिसर में विरोध मार्च
विधेयक के पारित होने से पहले विपक्ष ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। करीब 50 से अधिक सांसदों ने सरकार के खिलाफ मार्च निकालते हुए VB–G RAM G विधेयक को वापस लेने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून गरीबों के अधिकारों को कमजोर करता है।
देर रात तक चली चर्चा
राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा आधी रात के करीब तक चली और अंततः करीब 12:30 बजे इसे पारित कर दिया गया। इससे एक दिन पहले लोकसभा में इस पर लगभग 14 घंटे तक लंबी बहस हुई थी। यह नया कानून अब दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लेगा।
न्यूक्लियर एनर्जी से जुड़ा SHANTI बिल भी पास
इसी सत्र के दौरान संसद ने न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित SHANTI विधेयक को भी मंजूरी दी, जिसे भारत की ऊर्जा जरूरतों के दीर्घकालीन समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
संसद की कार्यवाही से जुड़ी अहम जानकारियां
▪ हजारों सरकारी स्कूल बिना छात्रों के
सरकार ने संसद में बताया कि देशभर के 10 लाख से अधिक सरकारी स्कूलों में से 5,000 से ज्यादा ऐसे हैं, जहां एक भी छात्र नामांकित नहीं है। इनमें से अधिकांश स्कूल तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में स्थित हैं। बीते दो वर्षों में बेहद कम नामांकन वाले स्कूलों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
▪ 43 OTT प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने खुलासा किया कि कानून के विरुद्ध सामग्री प्रसारित करने वाले 43 OTT प्लेटफॉर्म्स को देशभर में ब्लॉक किया गया है। यह कदम डिजिटल माध्यमों पर निगरानी को सख्त करने की दिशा में उठाया गया है।






