प्रशांत किशोर–प्रियंका गांधी की ‘सीक्रेट मीटिंग’ की चर्चा तेज, सवाल पर प्रियंका ने सरकार को घेरा
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संवाद 24। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। इस बार वजह है कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के साथ उनकी कथित गुप्त मुलाकात। सियासी गलियारों में इस मुलाकात को लेकर अटकलें तेज हैं, हालांकि प्रियंका गांधी ने इस पर सीधा जवाब देने के बजाय केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान जब प्रियंका गांधी से प्रशांत किशोर के साथ बैठक को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने न तो साफ इनकार किया और न ही पुष्टि। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मीडिया को इस बात पर सवाल उठाना चाहिए कि सरकार बार-बार संसद की कार्यवाही क्यों बाधित कर रही है।
प्रियंका गांधी का पलटवार
प्रियंका गांधी ने कहा,
“ये भी कोई खबर है? आप यह क्यों नहीं पूछते कि सरकार सदन की कार्यवाही को बार-बार क्यों रोक रही है?”
कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए नारों को लेकर उठे विवाद पर भी उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया। प्रियंका गांधी ने कहा कि पार्टी को इस तरह के नारों की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और बाद में पता चला कि किसी व्यक्ति ने सार्वजनिक रूप से ऐसा बयान दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा को खुद नहीं पता कि वह व्यक्ति कौन है, तो फिर प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाने का क्या औचित्य है। इससे साफ है कि सरकार संसद चलाने के मूड में नहीं है।
दो घंटे की बैठक की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, हाल ही में प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। इस कथित मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि तीन साल पहले कांग्रेस से दूरी बनाने वाले प्रशांत किशोर की पार्टी में संभावित वापसी हो सकती है।
बिहार चुनाव और कांग्रेस पर सवाल
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने कांग्रेस की रणनीति पर खुलकर सवाल उठाए थे। उन्होंने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ और SIR अभियान को गैर-जरूरी मुद्दा बताया था। जनसुराज पार्टी ने बिहार में 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी। वहीं, कांग्रेस को चुनाव में केवल 6 सीटों से संतोष करना पड़ा।
पुराना रिश्ता, नई अटकलें
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने 2021 में कांग्रेस के पुनर्गठन का एक विस्तृत प्रस्ताव रखा था। अप्रैल 2022 में उन्होंने सोनिया गांधी के सामने इस योजना की प्रस्तुति दी थी, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थे। हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस से किनारा कर लिया।
अब एक बार फिर प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी की मुलाकात की खबरों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। क्या यह सिर्फ एक औपचारिक बातचीत थी या फिर आने वाले समय में कोई बड़ा राजनीतिक संकेत? इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।






