दिल्ली के प्रदूषण पर योगगुरु रामदेव का बयान: बोले– एयर प्यूरिफायर अमीरों का चोचला, घर में पर्दे डालें और योग करें
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संवाद 24, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके वायु प्रदूषण को लेकर योगगुरु रामदेव ने एक विवादित बयान दिया है। बढ़ते प्रदूषण के बीच एयर प्यूरिफायर की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि एयर प्यूरिफायर “अमीरों का चोचला” है और आम लोग इससे बिना भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि इस स्तर के प्रदूषण में लोग बाहर निकलकर व्यायाम कैसे कर सकते हैं, तो रामदेव ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में कुछ धूल-धुआं होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी दिल्ली गैस चैंबर बन जाती है, लेकिन ऐसे हालात में घबराने की जरूरत नहीं है।
रामदेव ने लोगों को सलाह दी कि वे घरों के अंदर पर्दे लगाकर रखें और 15–20 दिन में उन्हें साफ करते रहें। उन्होंने मास्क पहनने की भी बात कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोग घर के भीतर बैठकर अनुलोम-विलोम, कपालभाति और अन्य प्राणायाम करें, जिससे शरीर को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
एयर प्यूरिफायर को लेकर पूछे गए सवाल पर रामदेव ने दोहराया कि यह केवल संपन्न वर्ग का शौक है और हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।
गौरतलब है कि दिल्ली में गंभीर श्रेणी के वायु प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर GRAP-3 लागू कर दिया है। इसके तहत 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था दी गई है, जबकि स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय रामदेव के बयान से अलग है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक सहित कई डॉक्टरों ने लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए एन-95 मास्क पहनने, घरों में एयर प्यूरिफायर और इंडोर प्लांट्स का उपयोग करने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 431 दर्ज किया गया, जो इस साल अब तक का सबसे खराब स्तर है। इससे पहले 11 नवंबर को AQI 428 रिकॉर्ड किया गया था। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के मुताबिक आने वाले दिनों में भी AQI के ‘गंभीर’ श्रेणी में बने रहने की आशंका है।






