इंडिगो संकट पर सरकार सख्त: जरूरत पड़ी तो CEO हटाए जाएंगे
Share your love

DGCA की भूमिका पर भी जांच, जानबूझकर लापरवाही की आशंका**
संवाद 24, नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस की लगातार बिगड़ती स्थिति पर केंद्र सरकार सख्त हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो में आई तकनीकी और ऑपरेशनल गड़बड़ियों की जांच केवल एयरलाइन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि DGCA के कामकाज की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी।
मंत्री के अनुसार, यह समस्या “साधारण चूक” नहीं दिखती, बल्कि कई संकेत बताते हैं कि कुछ लापरवाही जानबूझकर हुई हो सकती है। उन्होंने यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
“आवश्यक हुआ तो CEO को भी हटाया जाएगा” – नागरिक उड्डयन मंत्री
इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद मंत्री ने कहा—
“अगर जवाबदेही तय करने में CEO को हटाना जरूरी हुआ, तो सरकार पीछे नहीं हटेगी।”
उन्होंने बताया कि पिछले एक हफ्ते से लगातार समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है और सरकार की प्राथमिकता यात्रियों की दिक्कतों का समाधान है।
इंडिगो द्वारा क्षमता से अधिक उड़ानें लेने का खुलासा
DGCA की जांच में सामने आया है कि इंडिगो ने वास्तविक क्षमता से ज्यादा विंटर शेड्यूल की उड़ानें ले लीं।
- कंपनी ने 403 विमान उपलब्ध बताए,
लेकिन अक्टूबर में केवल 339 और नवंबर में 344 विमान ही उड़ान भर सके। - नवंबर में तय 64,346 उड़ानों में से 4,900 उड़ानें कम ऑपरेट की गईं।
यानी एयरलाइन ने उपलब्ध बेड़े की तुलना में 6% अधिक उड़ानें ले लीं, जिसने पूरे सिस्टम पर भारी दबाव बना दिया।
सरकार का एक्शन – 10% फ्लाइट्स कम करने का आदेश
सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इंडिगो की उड़ानें 10% घटाने का निर्देश दिया है।
इसका असर हाई-डिमांड वाले रूटों पर पड़ेगा।
- रोजाना चलने वाली करीब 2300 उड़ानों में से 230 उड़ानें कम होंगी।
- DGCA ने एयरलाइन को बुधवार शाम 5 बजे तक नया शेड्यूल जमा करने को कहा है।
बीते 8 दिनों में इंडिगो की लगभग 5000 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। केवल मंगलवार को ही 422 से अधिक उड़ानें कैंसिल हुईं।
दिल्ली हाईकोर्ट आज करेगा सुनवाई
इंडिगो संकट के बीच प्रभावित यात्रियों की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज सुनवाई करेगा।






